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धनबाद के इस एरिया में पिछले 10 दिनों से बिजली गूल, अंधेरों में रहने को मजबूर लोग...

Jharkhand Desk: आज के समय में अगर कुछ घंटों के लिए भी बिजली चली जाए तो सोचिये क्या होता है हम परेशां हो जाते हैं. क्यूंकि हमारा पूरा दिनचर्या बिजली पर ही निर्भर है. अब ऐसी ही घटना भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बस्ताकोला क्षेत्र की है जहाँ बिजली एक दिन नहीं दो दिन नहीं बल्कि 10 दिनों से वहां के लोग बिजली के बिना जैसे तैसे रहने पर मजबूर हैं.
 
DHANBAAD
आज के समय में अगर कुछ घंटों के लिए भी बिजली चली जाए तो सोचिये क्या होता है हम परेशां हो जाते हैं. क्यूंकि हमारा पूरा दिनचर्या बिजली पर ही निर्भर है. अब ऐसी ही घटना भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बस्ताकोला क्षेत्र की है जहाँ बिजली एक दिन नहीं दो दिन नहीं बल्कि 10 दिनों से वहां के लोग बिजली के बिना जैसे तैसे रहने पर मजबूर हैं.

Jharkhand Desk: आज के समय में अगर कुछ घंटों के लिए भी बिजली चली जाए तो सोचिये क्या होता है हम परेशां हो जाते हैं. क्यूंकि हमारा पूरा दिनचर्या बिजली पर ही निर्भर है. अब ऐसी ही घटना भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बस्ताकोला क्षेत्र की है जहाँ बिजली एक दिन नहीं दो दिन नहीं बल्कि 10 दिनों से वहां के लोग बिजली के बिना जैसे तैसे रहने पर मजबूर हैं. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के बस्ताकोला क्षेत्र संख्या 9 के बस्ताकोला कोलियरी के करीब 20 हजार की आबादी पिछले 10 दिन से लोडशेडिंग से परेशान हैं. इसके विरोध में बुधवार सुबह 5 बजे करीब 300 लोग गोलबंद होकर बस्ताकोला कोलियरी कार्यालय पहुंचे और ऑफिस के मेन गेट पर ताला जड़ दिया. इसके बाद वहीं धरने पर बैठ गये.

नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग करते हुए धरना पर बैठे लोग

लोग तत्काल जले हुए ट्रांसफॉर्मर की जगह नया ट्रांसफॉर्मर लगाने की मांग कर रहे थे. कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे, तो लोगों ने उन्हें मुख्य गेट से अंदर जाने से रोक दिया. इसकी सूचना पर पहले स्थानीय प्रबंधन ने धरना पर बैठे लोगों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया. लोगों के विरोध को देखते हुए क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे.

अधिकारियों ने बाहर में निपटाये जरूरी काम

उप महाप्रबंधक प्रबंधक टी पासवान ने आक्रोशित लोगों से बात की. लोग उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे. कार्यालय का मेन गेट बंद कर दिये जाने की वजह से करीब डेढ़ सौ कर्मचारी आज हाजिरी नहीं बना सके. अधिकारियों ने कार्यालय के बाहर कुर्सी लगाकर जरूरी काम निपटाये.