सुरक्षा के मद्देनज़र देवघर पुलिस का बड़ा फैसला, खतरनाक अपराधियों की साप्ताहिक निगरानी तय
Deoghar: जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर देवघर पुलिस लगातार प्रयास करती दिख रही है. अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस अधीक्षक के द्वारा समय-समय पर जिले के सभी पुलिस पदाधिकारी के साथ बैठक की जाती है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं.
बुधवार को भी पुलिस अधीक्षक के द्वारा मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस गोष्ठी की अध्यक्षता में जिले के सभी थाना प्रभारी, डीएसपी और एसडीपीओ मौजूद रहे. बैठक में देवघर के पुलिस अधीक्षक सौरभ ने अपराध नियंत्रण, अनुसंधान, लंबित मामलों के एग्जीक्यूशन पर विशेष फोकस किया. उन्होंने बैठक में मौजूद थाना प्रभारी को निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था को कैसे सुदृढ़ और मजबूत बनाएं, इस पर अपने-अपने थाना क्षेत्र में विशेष काम करें. पुलिस कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय लोग और पुलिस के खबरियों को विशेष ट्रेनिंग दें.
इसके अलावा सभी थानों में लंबित मामलों को हल करने में तेजी लाने को लेकर भी थाना प्रभारी और डीएसपी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि जो पुराने अपराधी हैं और हमेशा आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहते हैं, उनका फिजिकल वेरिफिकेशन थानों में जरूर करें.
उन्होंने कहा कि अपराधियों पर नजर रखने के लिए अपने-अपने थानों में अपराधियों के अपराध के आधार पर उसे तीन वर्गों में वर्गीकृत करें. जो अपराधी सबसे ज्यादा खतरनाक हैं, उन्हें श्रेणी 'ए' में रखें, जो उससे कम हैं उन्हें श्रेणी 'बी' में रखें और जो छोटे-मोटे अपराध में संलिप्त रहते हैं उन्हें श्रेणी 'सी' में रखे.
पुलिस अधीक्षक सौरभ ने कहा जो अपराधी पुलिस की नजर से फरार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें और जरूरत पड़ने पर संपत्ति जब्ती की भी प्रक्रिया सुनिश्चित करें. बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को यह निर्देश दिया कि थाने में लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें क्योंकि कई बार पुलिस ट्रायल का हवाला देते हुए अपराधी इसका सीधा लाभ उठाते हैं.
बुधवार को हुई बैठक में एसपी ने सख्त लहजे में सभी थाना प्रभारी को यह निर्देश दिया कि देवघर वासियों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है, इसीलिए किसी भी कीमत पर कोई भी अपराधी पुलिस की नजर से न बच सके. वहीं उन्होंने पुलिस को तकनीकी जानकारी बढ़ाने का भी निर्देश दिया है ताकि साइबर अपराध की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके.
गौरतलब है कि देवघर में इन दिनों साइबर अपराधियों का मनोबल चरम पर है, जिस पर नियंत्रण करने के लिए देवघर पुलिस लगातार कार्रवाई करती दिख रही है. अब देखने वाली बात होगी कि पुलिस अधीक्षक के द्वारा की गई बैठक में अधिकारियों को मिले निर्देश के बाद देवघर में अपराध नियंत्रण का ग्राफ कितना नीचे गिरता है.







