क्या बंगाल में टूट रही गठबंधन की एकजुटता! हेमंत सोरेन के चुनावी प्रचार पर JMM-कांग्रेस में मतभेद खुलकर आए...
Jharkhand: पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थन में पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार करने जाएंगे. झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार है, ऐसे में बंगाल चुनाव में झामुमो का टीएमसी के पक्ष में प्रचार करना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. इसे लेकर सहयोगी दलों के बीच भी अलग-अलग राय सामने आ रही है, जिससे गठबंधन की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
इस मुद्दे पर झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के समर्थन के बिना किसी भी पार्टी की सरकार बनना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि बंगाल में मुख्य लक्ष्य भाजपा को रोकना है और वहां भाजपा की दाल नहीं गलेगी. इरफान अंसारी ने यह भी बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर आग्रह किया है कि वे टीएमसी के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी चुनाव प्रचार करें, खासकर उन क्षेत्रों में जहां टीएमसी की स्थिति कमजोर है.
इरफान अंसारी के इस बयान पर झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताया. उन्होंने कहा कि राजनीतिक परिपक्वता के अभाव में इस तरह के बयान सामने आते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में विचारधारा का महत्व होता है और हर कार्यकर्ता को अपने नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करना चाहिए. मंत्री होना और नेता होना अलग-अलग बात है, और नेता वही होता है जो विचारों के साथ आगे बढ़ता है.
वहीं, बीजेपी विधायक सी.पी. सिंह ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इरफान अंसारी के बयान को गैर-गंभीर बताया. उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों पर प्रतिक्रिया देना अपनी छवि खराब करना है. उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस बार बदलाव चाहती है और टीएमसी को सत्ता से बाहर करने का मन बना चुकी है. उन्होंने टीएमसी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से राज्य में भय, भूख और भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है.







