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जमशेदपुर में होगा प्रथम साहित्य उत्सव, 9 से 11 जनवरी तक आयोजित हो रहे साहित्य उत्सव में बड़ी संख्या में शामिल हो जिलेवासी...

Jamshdpur: पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा पहली बार प्रथम साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. प्रथम साहित्य उत्सव जिला के जमशेदपुर बिस्टुपुर क्षेत्र में स्थित गोपाल मैदान में आयोजित किया जाएगा. पहली बार होने वाले साहित्य उत्सव को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. तीन दिवसीय साहित्य उत्सव 9, 10 और 11 जनवरी 2026 को होगा.
 
JHARKHAND NEWS

Jamshdpur: लौहनगरी जमशेदपुर में पहली बार प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव का आयोजन होगा. धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन पूर्वी सिंहभूम जिला द्वारा होने वाले यह प्रथम साहित्य उत्सव में देशभर से साहित्यकार जुटेंगे.

पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा पहली बार प्रथम साहित्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है. प्रथम साहित्य उत्सव जिला के जमशेदपुर बिस्टुपुर क्षेत्र में स्थित गोपाल मैदान में आयोजित किया जाएगा. पहली बार होने वाले साहित्य उत्सव को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है. तीन दिवसीय साहित्य उत्सव 9, 10 और 11 जनवरी 2026 को होगा.

साहित्य उत्सव के संदर्भ मे जानकारी देते हुए धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा ने बताया कि यह उत्सव साहित्य, कला, संस्कृति और जनजातीय विरासत के संरक्षण व प्रसार की दिशा में एक पहल है. तीन दिवसीय आयोजन में जिला, राज्य और देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, इतिहासकार, विचारक एवं सांस्कृतिक कर्मी भाग लेंगे.

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम का जिला के सभी साहित्यप्रेमियों, विद्यार्थियों, और आम नागरिकों से अपील है कि वे साहित्य उत्सव मे शामिल हो. अनुमंडल पदाधिकारी ने इस उत्सव मे शामिल होने वाले प्रमुख साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों की सहभागिता होगी.

जिनमें पद्मश्री डॉ. जानुम सिंह सोय, पद्मश्री हलधर नाग, पद्मश्री डॉ. पुष्पेश पंत, डॉ. नारायण उरांव, डॉ. अनुज लुगुन, डॉ. पार्वती तिर्की, डॉ. अशोक कुमार सेन, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, डॉ. हिमांशु बाजपेयी, डॉ. सुरिंदर सिंह जोधका, डॉ. नेहा तिवारी, जेरी पिंटो, नीलोत्पल मृणाल, चंद्रहास चौधरी, महादेव टोप्पो, संजय कच्छप, निरंजन कुजूर, रणेन्द्र कुमार, रजा काजमी, बिक्रम ग्रेवाल, अक्षय बहिबाला, राहुल पंडिता, सौरव रॉय, प्रेमचंद उरांव, रविंद्रनाथ मुर्मू, यदुंवश प्रणय, अनुकृति उपाध्याय, जोबा मुर्मू, शताब्दी मिश्रा सहित अनेक साहित्यकार शामिल हैं.

तीन दिवसीय साहित्य उत्सव मे सांस्कृतिक एवं कला गतिविधियां, साहित्यिक सत्रों के साथ-साथ दर्शकों के लिए लाइव ग्लिटर आर्ट, लाइव पेंटिंग, लाइव पॉटरी, लाइव बैंड परफॉर्मेंस, जनजातीय नृत्य द्वारा पारंपरिक स्वागत, नाट्य प्रस्तुति 'लोहे का आदमी और लोहारिन', स्थानीय छऊ नृत्य, जनजातीय खेलों की प्रस्तुति के अलावा पुस्तक का स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र होंगे.