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जमशेदपुर में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, पर्यावरण विशेषज्ञ ने बताया तापमान बढ़ने का कारण

Jamshedpur: शहर में चारों तरफ हरियाली है. लेकिन पहले की अपेक्षा अब गर्मी के मौसम में तापमान अधिक देखा जा रहा है. जिसका मुख्य कारण बढ़ती आबादी के साथ-साथ पेड़ों की कटाई और मकान बनना है. इसके साथ घर-घर में AC की वजह से गर्मी ज्यादा लग रही है. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग भी एक कारण है.
 
JAMSHEDPUR JHARKHAND

Jamshedpur: हाल के तापमान डेटा के अनुसार झारखंड में भीषण गर्मी और हीट वेव जैसी स्थिति दर्ज की जा रही है, और जमशेदपुर में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर भी रहा. इससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सेवाओं पर दबाव भी बढ़ा है. रिपोर्टों में कहा गया है कि गर्मी की तीव्रता के कारण तापमान लगातार सामान्य से ऊपर चला गया है.

Jamshedpur second hottest in Jharkhand @ 42°C | The Avenue Mail

सुबह 11 बजे के बाद लोग घर में रहना पसंद कर रहे हैं. दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है. बाजार की अधिकतम दुकानें दोपहर मे बंद हो जाती हैं. इस बढ़ते तापमान को लेकर मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि पेड़ों की कटाई के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे तापमान बढ़ता जा रहा है.

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गर्मी बढ़ने की वजह क्या ग्लोबल वार्मिंग

लोगों का मानना है कि शहर में चारों तरफ हरियाली है. लेकिन पहले की अपेक्षा अब गर्मी के मौसम में तापमान अधिक देखा जा रहा है. जिसका मुख्य कारण बढ़ती आबादी के साथ-साथ पेड़ों की कटाई और मकान बनना है. इसके साथ घर-घर में AC की वजह से गर्मी ज्यादा लग रही है. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग भी एक कारण है. विश्व के कई देशों में होने वाले युद्ध से वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा है, जो तापमान बढ़ने का यह भी एक कारण हो सकता है.

पेड़ की छांव को बनाया ठिकाना

इधर, ठेला पर रोज कमाने खाने वाले गर्मी से बचने के लिए पेड़ों के नीचे अपना ठिकाना बनाए हुए हैं, जहां पेड़ों की छांव में दुकानदार अपना जीवन यापन कर रहे हैं. दुकानदार का कहना है कि उसके पिता पिछले दो दशक से अधिक समय से सड़क किनारे शरबत बेचने का काम करते थे. अब मैं इस काम को कर रहा हूं लेकिन बढ़ते तापमान के कारण ठेला पेड़ के नीचे लगाना मजबूरी है.

इधर, पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो प्रसन्नजीत सरकार का कहना है कि पिछले कई वर्षो में शहर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा नहीं देखा गया. बदलते समय के साथ हर क्षेत्र में बदलाव देखा जा रहा है. लोगों के रहन सहन का तरीका भी बदलने लगा है. शहर में टाटा स्टील द्वारा हरियाली का पूरा ख्याल रखा गया है. लेकिन बढ़ती आबादी के साथ पेड़ भी कट रहे हैं.

पर्यावरण विशेषज्ञ प्रो प्रसन्नजीत सरकार ने बताया कि कुआं अब देखने को नहीं मिलता है. तालाब की संख्या भी घट गई है. मैदान भी कम हो रहे हैं. सभी जगह निर्माण कार्य हो रहा है, ऐसे में भूगर्भ जल स्तर भी कम होने लगा है, जिसके कारण से जमीन का तापमान भी बढ़ रहा है.

AC का इस्तेमाल अधिक होने से उत्सर्जित गैस से ओजोन लेयर पर असर

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पर्यावरण विशेषज्ञ का कहना है सूरज और धरती के बीच ओजोन लेयर होती है, जो सूरज के तापमान को रोककर कम करने का काम करता है लेकिन AC का इस्तेमाल अधिक होने के कारण उत्सर्जित गैस से ओजोन लेयर पर असर पड़ रहा है, जिससे तापमान बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि आज जल संचय करना सबसे ज्यादा जरूरी है. लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने की जरुरत है.