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Jharkhand Electricity Update: दीपावली पर 300 MW बढ़ी बिजली की मांग, विभाग ने क्या की तैयारी?

दीपावली के त्योहार पर झारखंड में बिजली की मांग में करीब 300 मेगावाट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. त्योहार के दौरान घरों, बाजारों और प्रतिष्ठानों में रोशनी के कारण बिजली की खपत बढ़ने की संभावना है. ऐसे में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिजली विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि बढ़ी हुई मांग के बीच राज्य के लोगों को दीपावली पर कितनी निर्बाध बिजली मिल पाती है.
 
JHARKHAND

Ranchi:  दीपावली के त्योहार पर झारखंड में बिजली की खपत तेजी से बढ़ गई है। धनतेरस के बाद से ही राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग में इजाफा देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में जहां राज्य में करीब 2700 मेगावाट बिजली की जरूरत होती है, वहीं त्योहार के पीक आवर में यह आंकड़ा 2900 से 3000 मेगावाट तक पहुंच रहा है। यानी उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 200 से 300 मेगावाट बिजली की आवश्यकता पड़ रही है।

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हालांकि, बढ़ती खपत के बीच राहत की बात यह है कि राज्य में फिलहाल बिजली की उपलब्धता मांग से अधिक बताई जा रही है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के पास 3139 मेगावाट बिजली उपलब्ध है। ऐसे में दीपावली के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका कम है।

सामान्य दिनों से 300 मेगावाट तक बढ़ी मांग

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दीपावली के दौरान घरों, दुकानों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रोशनी की व्यवस्था के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है। इसका असर राज्य की कुल बिजली मांग पर भी पड़ा है। सामान्य दिनों में करीब 2700 मेगावाट रहने वाली मांग पीक आवर में बढ़कर 3000 मेगावाट तक पहुंच रही है। बिजली की इस अतिरिक्त जरूरत को पूरा करने के लिए उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आपूर्ति की जा रही है।

जेबीवीएनएल के पास 3139 मेगावाट बिजली उपलब्ध

बढ़ती मांग के बीच जेबीवीएनएल के पास 3139 मेगावाट बिजली की उपलब्धता उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। सेंट्रल लोड डिस्पैच सेंटर के आंकड़ों के अनुसार भी राज्य में बिजली की उपलब्धता मांग के अनुरूप पर्याप्त है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि दीपावली के दौरान लोगों को बिजली की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

डीवीसी क्षेत्र में भी बढ़ी खपत

दीपावली का असर डीवीसी कमांड एरिया में भी दिखाई दे रहा है। यहां सामान्य दिनों में लगभग 600 मेगावाट बिजली की मांग रहती है, जो त्योहार के दौरान बढ़कर करीब 700 मेगावाट हो गई है। वहीं, डीवीसी कमांड एरिया से बाहर के दूसरे क्षेत्रों में भी बिजली की खपत बढ़ी है। इन इलाकों में सामान्य दिनों की करीब 2000 मेगावाट मांग अब बढ़कर 2200 से 2300 मेगावाट तक पहुंच गई है।

रांची में 400 मेगावाट तक पहुंची मांग

राजधानी रांची में भी दीपावली के कारण बिजली की खपत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। रांची एरिया बोर्ड के जीएम मनमोहन कुमार के मुताबिक, सामान्य दिनों में शहर में 325 से 350 मेगावाट तक बिजली की मांग रहती है। लेकिन धनतेरस से यह बढ़कर करीब 400 मेगावाट तक पहुंच गई है। यानी राजधानी में पीक आवर के दौरान लगभग 50 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की जरूरत पड़ रही है।

त्योहार में निर्बाध बिजली आपूर्ति की उम्मीद

राज्य में बिजली की मांग बढ़ने के बावजूद उपलब्धता की स्थिति फिलहाल संतोषजनक बताई जा रही है। जेबीवीएनएल के पास मौजूद 3139 मेगावाट बिजली और केंद्रीय स्तर पर उपलब्धता के आंकड़ों को देखते हुए दीपावली पर बिजली संकट की आशंका नहीं जताई जा रही है। अब उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि त्योहार के दौरान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू बनी रहेगी।