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झारखंड सरकार ने पेश किया 4296 करोड़ का अनुपूरक बजट, ग्रामीण विकास को मिला सबसे बड़ा हिस्सा

 
झारखंड सरकार ने पेश किया 4296 करोड़ का अनुपूरक बजट, ग्रामीण विकास को मिला सबसे बड़ा हिस्सा

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को हेमंत सोरेन सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4296.62 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पेश किया। यह अनुपूरक मांगें दरअसल 4 अगस्त को पेश होनी थीं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के चलते सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई थी।

मार्च में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने इस वित्त वर्ष के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया था। अब पहली बार अनुपूरक बजट लाकर सरकार ने विभागवार अतिरिक्त फंड का प्रावधान किया है।

किस विभाग को कितना फंड

अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा आवंटन ग्रामीण विकास विभाग को किया गया है।
    •    ग्रामीण विकास विभाग: 968.89 करोड़ रुपए
    •    वित्त विभाग: 835.83 करोड़ रुपए
    •    स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग: 448.63 करोड़ रुपए
    •    स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग: 420 करोड़ रुपए
    •    पेयजल एवं स्वच्छता विभाग: 417 करोड़ रुपए

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता

बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि “झारखंड की 75% आबादी ग्रामीण इलाकों में रहती है। इसलिए सरकार की पहली प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि गांवों में विकास योजनाओं और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग को सर्वाधिक राशि दी गई है।

कब होगी चर्चा?

अनुपूरक मांगों पर चर्चा 25 अगस्त को होगी। मानसून सत्र की शुरुआत शुक्रवार से हो चुकी है और यह 28 अगस्त तक चलेगा।