झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के अफसरों पर अवमानना का जुर्माना, 12 सितंबर तक जमा करने का आदेश
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने जल संसाधन विभाग के चार वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी मानते हुए उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि तय समय पर राशि जमा नहीं की गई तो सभी अधिकारियों को अगली सुनवाई में सशरीर उपस्थित होना होगा।
किन अधिकारियों पर लगा जुर्माना
जुर्माना जिन अधिकारियों पर लगाया गया है, उनमें विभाग के प्रधान सचिव प्रशांत कुमार, मुख्य अभियंता जमील अख्तर, अधीक्षण अभियंता संजीत कुमार और कार्यपालक अभियंता रंजीत कुजूर शामिल हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा होगी, जिसे बाद में झालसा (Jharkhand State Legal Services Authority) को स्थानांतरित किया जाएगा।
मामला क्या है
लखन प्रसाद यादव नामक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि उन्हें क्लास-थ्री कर्मचारी के रूप में काम करने की अवधि का वेतन देने का आदेश कोर्ट ने पहले ही दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए विभाग को चार हफ्ते में भुगतान करने का निर्देश दिया था।
लेकिन याचिकाकर्ता के मुताबिक विभाग ने केवल 11,87,230 रुपये का भुगतान किया और करीब एक लाख रुपये की गलत एंट्री दिखाकर शपथपत्र दाखिल कर दिया। अदालत ने इसे जानबूझकर गुमराह करने की कोशिश माना।
सुनवाई में क्या हुआ
शनिवार को सुनवाई के दौरान सभी अधिकारी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट से माफी मांगी। लेकिन जस्टिस एस.के. द्विवेदी ने साफ कहा कि “सिर्फ माफी से मामला खत्म नहीं हो सकता। जब आदेश का जानबूझकर उल्लंघन होता है, तब अदालत के पास सख्त कदम उठाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।”
कोर्ट ने माना कि यह मामला गंभीर है, लेकिन अधिकारियों की लंबी सेवा और एक अधिकारी की नजदीकी सेवानिवृत्ति (31 अगस्त 2025) को देखते हुए कैद की बजाय जुर्माने का रास्ता चुना गया।
कोर्ट की चेतावनी
अदालत ने अफसरों को एक और बात पर फटकार लगाई। सभी अधिकारी कैजुअल ड्रेस में पेश हुए थे। इस पर जज ने साफ कहा कि “भविष्य में अदालत में केवल गरिमापूर्ण वेशभूषा में ही आएं।”
अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई अब 12 सितंबर को होगी। अगर तय तिथि तक जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई, तो सभी अधिकारियों को कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा।







