झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: JSSC-CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर रोक
JSSC CGL Exam: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से JSSC-CGL और CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली चार अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई हुई। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी।

JSSC-CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के फैसले को दी गई थी चुनौती
राज्य सरकार की ओर से विभिन्न परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने संबंधी जारी अधिसूचना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं। इनमें JSSC-CGL, CDPO, FRO और FSO परीक्षाओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स और पीएएस पति ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। याचिकाओं में विशेष रूप से CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने और JSSC-CGL परीक्षा एवं उससे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश पर लगाई रोक
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने JSSC-CGL और CDPO परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगा दी। अदालत के इस फैसले से इन परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
वहीं, JPSC की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्तियों को रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने CDPO और JSSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा को रद्द करने के मामले में राज्य सरकार और JPSC से जवाब मांगा है।
CID जांच के बाद सरकार ने लिया था परीक्षा रद्द करने का फैसला
दरअसल, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही CID जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कई परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया था।
सरकार के अनुसार, इन परीक्षाओं में TDPL (TSR Data Processing Private Limited) नाम की एजेंसी की भूमिका सामने आई थी। यह एजेंसी प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन से जुड़ी हुई थी। इसके बाद सरकार ने वर्ष 2014 के बाद आयोजित सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की भी घोषणा की थी।
22 परीक्षाएं रद्द, 6 स्थगित और 17 जांच के दायरे में
सरकार के फैसले के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई। इसमें अलग-अलग परीक्षाओं के संबंध में रद्दीकरण, स्थगन और जांच का प्रावधान किया गया।
अधिसूचना के मुताबिक:
- 22 परीक्षाएं रद्द की गई हैं।
- 6 परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित की गई है।
- 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।
अब JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से संबंधित सरकार के रद्दीकरण आदेश पर हाईकोर्ट की रोक के बाद इस मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
15 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर 2026 को होगी। ऐसे में JSSC-CGL और CDPO परीक्षा से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए अगली सुनवाई अहम मानी जा रही है।







