झारखंड की जेलों में कैदियों के परिजनों के लिए ऑनलाइन पैसा भेजने की सुविधा शुरू...
Ranchi: राजधानी रांची सहित झारखंड के विभिन्न जेलों में अब कैदियों के परिजनों के लिए ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा शुरू कर दी गई है. जेलों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से यह नई पहल की गई है. इस संबंध में आवश्यक बैंक डिटेल्स जेल प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवा दिए गए हैं.
क्या है पूरा मामला?
झारखंड के विभिन्न जेलों में कैदी के परिजन अब घर बैठे उन्हें पैसा भेज सकेंगे. यह व्यवस्था लागू कर दी गई है. इस नए प्रयोग से जेलों में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है. साथ ही, परिजनों को कैदियों को पैसा भेजने के लिए न तो जेल प्रशासन को रिश्वत देनी पड़ेगी और न ही घंटों मुलाकाती गेट पर खड़ा रहना पड़ेगा.
जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने बताया कि जेल के सभी कैदियों का अपना डिजिटल अकाउंट बनाया जा रहा है. फिलहाल एक्सिस बैंक की सहायता से ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है. कैंटीन के जरिए कैदियों के परिजन और परिचित घर बैठे ही पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. इन पैसों से कैदी जेल की कैंटीन से अपनी जरूरत का सामान खरीद सकेंगे.
क्या होगा फायदा?
इस व्यवस्था के तहत जेलों में कैदियों के लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा शुरू की गई है. इसका उद्देश्य न केवल कैदियों की सुविधाओं में सुधार करना है, बल्कि जेल प्रशासन में पारदर्शिता लाना और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना भी है. नई व्यवस्था के तहत कैदियों का जेल की कैंटीन में एक डिजिटल अकाउंट खोला गया है. इस अकाउंट के माध्यम से कैदी अपने लिए आवश्यक वस्तुएं जैसे साबुन, तेल, टूथपेस्ट, बिस्किट, नमकीन आदि खरीद सकेंगे.
इससे पहले यह प्रक्रिया नकद लेन-देन पर आधारित थी, जिसमें पारदर्शिता की कमी के कारण अक्सर गड़बड़ियां और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं. इसी पर अंकुश लगाने के लिए आपदा प्रबंधन एवं कारा विभाग की ओर से यह प्रक्रिया शुरू की गई है.
कैदियों के परिजनों को दिया जाएगा खाते का नंबर
जेल में एक्सिस बैंक के खाते का नंबर कैदियों के परिजनों को भी उपलब्ध कराया जाएगा. परिजन जेल कैंटीन के इस डिजिटल अकाउंट में घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. इससे उन्हें जेल जाकर पैसा जमा करने की झंझट से मुक्ति मिलेगी. कैदियों को समय पर जरूरत की चीजें मिल सकेंगी. साथ ही, किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका खत्म हो जाने से शोषण की संभावना भी कम हो जाएगी.
आपदा प्रबंधन एवं कारा विभाग के साथ एक्सिस बैंक के खाते खोलने को लेकर समझौता हुआ है. इसके तहत उपकरणों को जेल में इंस्टॉल किया गया है. इस एवज में बैंक को विभाग की ओर से राशि भी दी जा रही है. जेल की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को बल दिया जा रहा है.
जेल प्रशासन को मिलेगी राहत
इस नई व्यवस्था से न केवल कैदियों को लाभ होगा, बल्कि जेल प्रशासन को भी कई स्तरों पर राहत मिलेगी. कैश लेन-देन में कमी आने से हिसाब-किताब अधिक पारदर्शी और डिजिटल रिकॉर्ड आधारित हो जाएगा. इससे जेल प्रशासन की छवि में सुधार होगा और कैदियों में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा.
जेल गेट पर खुलेआम होता है पैसों का लेन-देन
झारखंड के जेलों में पहले खुलेआम पैसों का लेन-देन होता था. कैदियों को भेजे जाने वाले हर सामान का रेट फिक्स होता था. उतना पैसा जब परिजन जेल गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को देते थे, तब उनका सामान कैदियों तक भेजा जाता था. यहां तक कि पैसा भेजने का भी फिक्स्ड कमीशन होता था. इसकी शिकायतें लगातार आपदा प्रबंधन एवं कारा विभाग को मिल रही थीं. शिकायत के आधार पर कई बार जांच भी हुई. कुछ दिन व्यवस्था ठीक रहती थी, उसके बाद फिर कमीशनखोरी की व्यवस्था लागू हो जाती थी. यह नई डिजिटल व्यवस्था इन समस्याओं का स्थायी समाधान साबित हो सकती है.







