Jharkhand Monsoon Update: बारिश की कमी 54% से घटकर 10%! फिर भी 12 जिलों में संकट
Jharkhand: झारखंड में मानसून की शुरुआत भले ही किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली रही हो, लेकिन अगस्त में बारिश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। 1 जून से 19 अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में बारिश की कमी घटकर अब करीब 10 फीसदी रह गई है। जून में जो बारिश की कमी 54 फीसदी तक पहुंच गई थी, उसे पिछले कुछ हफ्तों की बारिश ने काफी हद तक पाट दिया है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 19 अगस्त के बीच झारखंड में 633.6 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 700.5 मिलीमीटर मानी जाती है। इस तरह राज्य में सामान्य से करीब 10 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

पश्चिमी सिंहभूम में सामान्य से 48% ज्यादा बारिश
राज्य के कई जिलों में बारिश सामान्य से अधिक हुई है। पश्चिमी सिंहभूम सबसे आगे है, जहां सामान्य से 48 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इसके अलावा खूंटी में 10 फीसदी, सरायकेला-खरसावां में 9 फीसदी, सिमडेगा में 8 फीसदी, रांची में 7 फीसदी, लातेहार में 4 फीसदी और पूर्वी सिंहभूम में 1 फीसदी अधिक बारिश हुई है। वहीं लोहरदगा में बारिश सामान्य के लगभग बराबर रही।
इन जिलों में कमी, लेकिन स्थिति गंभीर नहीं
कुछ जिलों में बारिश सामान्य से कम जरूर हुई है, लेकिन कमी 20 फीसदी से नीचे है। मौसम विभाग की श्रेणी के अनुसार इन जिलों को फिलहाल गंभीर वर्षा-कमी वाले क्षेत्रों में नहीं माना जा रहा है।
धनबाद में 7 फीसदी, दुमका में 14 फीसदी, जामताड़ा में 18 फीसदी, रामगढ़ में 14 फीसदी और साहिबगंज में 19 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है।
11 जिलों में 20% या उससे ज्यादा बारिश की कमी
राज्य के 11 जिलों में बारिश की कमी 20 फीसदी या उससे अधिक है। इन जिलों में बोकारो में 24 फीसदी, चतरा में 47 फीसदी, देवघर में 46 फीसदी, गढ़वा में 46 फीसदी, गिरिडीह में 36 फीसदी, गोड्डा में 28 फीसदी, गुमला में 21 फीसदी, हजारीबाग में 30 फीसदी, कोडरमा में 44 फीसदी, पाकुड़ में 53 फीसदी और पलामू में 29 फीसदी बारिश कम हुई है।
इनमें पाकुड़ की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां सामान्य से 53 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। चतरा और देवघर में भी करीब 46-47 फीसदी की कमी बनी हुई है। बारिश की कमी का असर इन क्षेत्रों की खेती पर पड़ सकता है और आने वाले दिनों की बारिश किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
जून में कमजोर रही मानसून की शुरुआत
मानसून सीजन की शुरुआत झारखंड में कमजोर रही। जून के दौरान राज्य में अपेक्षित बारिश नहीं हुई, जिससे बारिश की कमी तेजी से बढ़ी। हालांकि मानसून आगे बढ़ता रहा, लेकिन शुरुआती दौर में बारिश की रफ्तार कमजोर रही।
30 जून को मौसम विभाग ने झारखंड के बाकी हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की जानकारी दी थी।
जुलाई में कुछ सुधार, लेकिन कमी बरकरार
जुलाई में बारिश की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ, लेकिन राज्य का कुल बारिश घाटा बना रहा। इस दौरान अलग-अलग हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिली। जुलाई के शुरुआती दिनों में दक्षिण झारखंड और आसपास के उत्तरी आंतरिक ओडिशा के ऊपर डिप्रेशन की स्थिति भी बनी थी।
अगस्त में बारिश ने पकड़ी रफ्तार
अगस्त में मानसून ने झारखंड में रफ्तार पकड़ी। कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश का असर राज्य के कुल आंकड़ों पर भी दिखाई दिया। यही वजह है कि 19 अगस्त तक बारिश की कमी घटकर करीब 10 फीसदी रह गई।
हालांकि राज्य के 11 जिलों में अब भी 20 फीसदी या उससे अधिक बारिश की कमी है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश इन क्षेत्रों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण होगी।
झारखंड में मानसून की मौजूदा तस्वीर
- 1 जून-19 अगस्त: 633.6 मिमी बारिश
- सामान्य बारिश: 700.5 मिमी
- राज्य में कुल कमी: करीब 10%
- सबसे ज्यादा बारिश: पश्चिमी सिंहभूम, सामान्य से 48% अधिक
- सबसे ज्यादा कमी: पाकुड़, सामान्य से 53% कम
- 20% या उससे अधिक कमी वाले जिले: 11
फिलहाल राज्य के कुल बारिश आंकड़ों में सुधार हुआ है, लेकिन कुछ जिलों में बारिश की कमी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। मानसून के बाकी बचे दिनों में होने वाली बारिश से इन जिलों की स्थिति में और सुधार की उम्मीद रहेगी।







