झारखंड राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, JMM और कांग्रेस उम्मीदवारों ने दाखिल किया नामांकन
Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने मंगलवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. नामांकन के दौरान महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे. इसी कड़ी में आज यानी 8 जून को JMM और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. राज्यसभा चुनाव के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी JMM के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा ने नामांकन दाखिल किया. इस दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौके पर मौजूद रहे.

नामांकन दाखिल करने के बाद दोनों दलों के नेताओं ने अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि महागठबंधन के पास पर्याप्त समर्थन है और उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है. इस मौके पर गठबंधन नेताओं ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए राज्य और जनता के हितों को प्राथमिकता देने की बात कही.
सूत्रों से जानकारी मिली है कि एसटीएफ ने इसको पकड़ने के लिए काफी दिनों से जाल बिछाया था और इसके लिए टेक्निकल सर्विलांस का प्रयोग किया गया था. तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान के खिलाफ मर्डर के प्रयास, जबरदस्ती वसूली और दंगा भड़काने मामले में कई धाराओं मे पुलिस ने केस दर्ज किया है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लॉन्ड्रिंग केस में जहांगीर के खिलाफ जांच कर रही है.
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, जहांगीर खान से डिटेल में पूछताछ के लिए कस्टडी में लिया जाएगा. जांच करने वाले उसकी एक्टिविटी के हर पहलू की जांच करना चाहते हैं, जिसमें उनके कम्युनिकेशन नेटवर्क, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और पॉलिटिकल और क्रिमिनल दायरे से उनके संभावित लिंक शामिल हैं. उनका मानना है कि पूछताछ से कुछ नई अहम जानकारी सामने आ सकती है. एसटीएफ (STF) पहले जहांगीर खान को मेडिकल जांच के लिए फाल्टा ले जाएगी. हालांकि, इलाके में उनके खिलाफ लोगों के गुस्से की आशंका है. इसलिए, पुलिस सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरी हुआ तो एसटीएफ उसे सीधे कोलकाता में स्टेट पुलिस हेडक्वार्टर भवानी भवन ला सकती है.
राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में हलचल बढ़ गई है. सत्तारूढ़ गठबंधन जहां अपनी संख्या बल के आधार पर चुनाव में मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, वहीं विपक्षी दल भी अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं.
नामांकन प्रक्रिया के दौरान विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे. बड़ी संख्या में समर्थक भी अपने नेताओं के समर्थन में पहुंचे.
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान की आवश्यकता होने पर चुनाव कराया जाएगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजे राज्य के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों की भी झलक दिखाएंगे.







