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झारखंड राज्यसभा चुनाव में नया मोड़, झामुमो ने बैद्यनाथ राम को उतारा मैदान में, दूसरी सीट पर सस्पेंस बरकरार

Ranchi: बैद्यनाथ राम लातेहार (अनुसूचित जाति) सीट से लगातार मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले नेता माने जाते हैं. लातेहार सीट पर उनका मुकाबला अक्सर भाजपा के प्रकाश राम से होता रहा है. झारखंड गठन के बाद बाबूलाल मरांडी की सरकार गिरने के बाद लातेहार सीट पर उपचुनाव हुआ था.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा चुनाव के लिए बैद्यनाथ राम को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है. झामुमो के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि बैद्यनाथ राम पार्टी के मजबूत और समर्पित कार्यकर्ता हैं और आदिवासी और पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है.

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बैद्यनाथ राम को बनाया उम्मीदवार

सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच विचार-विमर्श के बाद झामुमो ने बैद्यनाथ राम के नाम पर सहमति जताई है. पार्टी का मानना है कि बैद्यनाथ राम झामुमो की विचारधारा के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं. वे ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हुए नेता हैं और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाते रहे हैं.

कौन हैं बैद्यनाथ राम

बैद्यनाथ राम लातेहार (अनुसूचित जाति) सीट से लगातार मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने वाले नेता माने जाते हैं. लातेहार सीट पर उनका मुकाबला अक्सर भाजपा के प्रकाश राम से होता रहा है. झारखंड गठन के बाद बाबूलाल मरांडी की सरकार गिरने के बाद लातेहार सीट पर उपचुनाव हुआ था. जिसमें जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के टिकट पर बैद्यनाथ राम ने जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की और पहली बार विधानसभा पहुंचे.

2019 में झामुमो टिकट पर बड़ी जीत, लेकिन 2014 में मिली हाक

2019 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा उम्मीदवार प्रकाश राम को करारी शिकस्त दी. इस जीत ने उनकी लोकप्रियता और लातेहार में पार्टी की पकड़ को और मजबूत किया. लेकिन 2014 के विधानसभा चुनाव में हालांकि लातेहार सीट प्रकाश राम के खाते में गई थी. उस समय जेवीएम के उम्मीदवार प्रकाश राम ने 71,189 वोट पाकर जीत हासिल की थी.

बैद्यनाथ राम के नाम के घोषणा करने के दौरान सुप्रीय भट्टाचार्य ने महागठबंधन के अन्य दलों कांग्रेस और राजद से भी समर्थन की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर कुछ मतभेद थे, लेकिन अंतिम फैसला सभी के हित में लिया गया है.

झामुमो सूत्रों के अनुसार, बैद्यनाथ राम की उम्मीदवारी से पार्टी आदिवासी और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को एकजुट करने का प्रयास कर रही है. राज्यसभा चुनाव में कुल 81 विधायक मतदाता हैं और महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद भाजपा की चुनौती को देखते हुए पार्टी ने मजबूत उम्मीदवार पर दांव खेला है.

बीजेपी भी उतारेगी उम्मीदवार

इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. भाजपा पहले ही एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने और जीत का दावा कर चुकी है. ऐसे में बैद्यनाथ राम की उम्मीदवारी महागठबंधन की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.

नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है. इसके पहले सभी विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित की जाएगी. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर खटास की खबरें सामने आ रही थीं.