झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय ने मनाया पहला दीक्षांत समारोह, 21 छात्रों को गोल्ड मेडल
Jharkhand Desk: झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह शुक्रवार 21 नवंबर 2025 को राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित हुआ. जिसमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 21 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल प्रदान किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुल 637 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गईं.
![]()
मोरहाबादी के दीक्षांत मंडप में आयोजित झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की पहली दीक्षांत समारोह को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार आदि ने संबोधित किया. इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति राहुल कुमार पुरवार ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय के कामकाज के बारे में जानकारी दी.
इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं होता, बल्कि वह उस संस्था की विचारधारा, उपलब्धियों और समाज द्वारा उसके प्रति व्यक्त विश्वास का प्रतीक होता है. उन्होंने कहा कि झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय आज अपने इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय लिख रहा है.

उन्होंने उपाधि पानेवाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि युवा पारंपरिक प्रशिक्षण तक ही सीमित न रहें, बल्कि आधुनिक तकनीक और उभरती चुनौतियों की समझ विकसित करें. साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक विज्ञान, अपराध मनोविज्ञान, पुलिस प्रबंधन, खुफिया विश्लेषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में दक्षता आज के समय की आवश्यकता है.
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान ‘जामताड़ा के साइबर अपराध’ के लिए न हो, बल्कि “सुरक्षा शिक्षा” के एक मजबूत केंद्र के रूप में हो. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विश्वविद्यालय के प्रशिक्षित युवा राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और अन्य राज्यों के लिए भी एक आदर्श प्रस्तुत करेंगे.
राज्य में शिक्षकों की कमी होगी दूर
वहीं मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि एक निश्चित समय पर दीक्षांत समारोह हो इसके निर्देश दिए गए हैं और राज्य में उच्च शिक्षा के लिए शिक्षकों के खाली पदों को भरने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.
रक्षा राज्य मंत्री ने विद्यार्थियों को दी बधाई
इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस दीक्षांत समारोह की खासियत यह रही है कि अंग्रेजियत वाले परिधान के बजाय हमलोगों ने भारतीय परिधान पगड़ी और गमछा को इस मौके पर अपनाकर एक संदेश देने का काम किया है. उन्होंने इस मौके पर पदक पानेवाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए युवाओं से नवाचार पर जोर देने की अपील की, ताकि पीएम मोदी के 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को पूरा किया जा सके.

विद्यार्थियों में दिखा गजब का उत्साह
वहीं इस अवसर पर छात्र-छात्राओं में गजब का उत्साह नजर आया. फोरेंसिक साइंस में गोल्ड मेडल हासिल करने वाली मानवी मिश्रा कहती हैं कि उनके लिए आज का दिन बेहद ही खास है. आपराधिक अनुसंधान के क्षेत्र में करियर बनाने की चाहत रख रही मानवी सीबीआई, एनआईए, सीआईडी, एसीबी जैसी एजेंसिंयों में काम करने की इच्छा रखती हैं. इसी तरह की इच्छा एक अन्य गोल्ड मेडलिस्ट शबीना की है. ग्रेजुएशन के बाद लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही शबीना फोरेंसिक साइंस में ही करियर बनाना चाहती हैं.
JRSU का पहला दीक्षांत समारोह
साल 2016 में स्थापित इस विश्वविद्यालय में साइबर क्राइम से लेकर फोरेंसिक साइंस आदि की पढ़ाई होती है. विश्वविद्यालय की स्थापना के नौ वर्षों बाद पहली बार आज दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया है.








