Jharkhand Weather: 20 सितंबर तक मौसम का बदला मिजाज! तेज हवा-गरज का अलर्ट, 21 से फिर बारिश
Jharkhand Weather: झारखंड में अगले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज पूरी तरह साफ रहने वाला नहीं है। मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 से 20 सितंबर तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
हालांकि, मौसम में इस बदलाव के बावजूद दिन के तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार 21 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
16 सितंबर को इन जिलों में तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार 16 सितंबर को राज्य के उत्तर, दक्षिणी और मध्य भागों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन, वज्रपात और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इनमें रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद जिले शामिल हैं।
दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।
17 सितंबर को बढ़ेगा मौसम का दायरा
17 सितंबर को राज्य के दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इसके अलावा पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में कहीं-कहीं 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।
उत्तर-पूर्वी झारखंड में भी अलर्ट
17 सितंबर को उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां कहीं-कहीं मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चल सकती है।
18 से 20 सितंबर तक भी गरज-चमक की संभावना
मौसम केंद्र के अनुसार 18, 19 और 20 सितंबर को भी राज्य के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी बनी रहेगी।
इसका मतलब है कि अगले पांच दिनों तक झारखंड में मौसम पूरी तरह स्थिर या साफ रहने के आसार नहीं हैं। अलग-अलग इलाकों में समय-समय पर बादल, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
21 सितंबर से फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के मुताबिक 21 सितंबर से बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
ऐसे में अगले कुछ दिनों में मौसम के दो अलग-अलग चरण देखने को मिल सकते हैं। 20 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर, जबकि 21 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना है।
⚠️ वज्रपात के दौरान सावधानी जरूरी
गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभे और ऊंचे स्थानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भी मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखनी चाहिए।







