सेंटर आफ एक्सीलेंस में विकसित होंगे झारखंड के कस्तूरबा विद्यालय, क्या है JEPC का मकसद और पूरा प्लान...
Ranchi: राज्य में बालिकाओं की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने कस्तूरबा विद्यालयों की तर्ज पर झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की भी स्थापना की है. इन विद्यालयों का संपोषण पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है...
Jan 21, 2026, 17:37 IST
Ranchi: झारखंड में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय बालिकाओं की शिक्षा और सामाजिक सशक्तीकरण की दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है. इन विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और समग्र विकास के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद राज्य सरकार ने बालिकाओं की आवासीय शिक्षा को और मजबूत करने का निर्णय लिया है.
इसी कड़ी में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत शामिल किया गया है और इन्हें चरणबद्ध रूप से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है.
राज्य में बालिकाओं की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने कस्तूरबा विद्यालयों की तर्ज पर झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय की भी स्थापना की है. इन विद्यालयों का संपोषण पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा है.
इसका उद्देश्य दूर-दराज और वंचित क्षेत्रों की बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण में बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराना है. इन विद्यालयों में न केवल शिक्षा, बल्कि जीवन कौशल, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता के विकास पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है.
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षा, संरक्षण और अनुशासित वातावरण को प्राथमिकता दी जा रही है.
छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक चेतना को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं. विद्यालयों में हॉस्टल प्रबंधन, अनुशासन, छात्राओं की दिनचर्या और भावनात्मक सहयोग की व्यवस्था को भी लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि बालिकाएं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें.
बालिकाओं की शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बनाने के लिए विद्यालयों में लैंगिक संवेदनशीलता, बाल अधिकारों की समझ और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने, छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सकारात्मक सीखने का माहौल तैयार करने की दिशा में भी निरंतर कार्य किए जा रहे हैं.
इन प्रयासों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कस्तूरबा विद्यालय केवल आवासीय शिक्षण संस्थान न रहकर बालिकाओं के समग्र विकास के मॉडल केंद्र के रूप में स्थापित हों.
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के स्तर पर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की निगरानी और गुणवत्ता सुधार की प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया है. शैक्षणिक स्तर, अनुशासन और छात्राओं की उपलब्धियों के आधार पर इन विद्यालयों को राज्य के लिए उदाहरण स्वरूप विकसित करने की योजना है.
इस संबंध में जेईपीसी के निदेशक शशि रंजन ने कहा कि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि राज्य की बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित माहौल और उज्ज्वल भविष्य के बेहतर अवसर मिल सकें.







