पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर झामुमो ने केंद्र सरकार को घेरा, बोला- जनता नहीं, चुनावी गणित देखती है सरकार
Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने केंद्र सरकार पर देश की जनता को आर्थिक संकट, महंगाई और योजनाबद्ध तरीके से अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर दिया गया बयान वास्तविकता से दूर और जनता को भ्रमित करने वाला है.

झामुमो नेताओं का कहना है कि जब चुनाव नजदीक आते हैं तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत दी जाती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही आम लोगों पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया जाता है. पार्टी ने इसे जनता के साथ “राजनीतिक खेल” करार दिया है.
जनता पर बढ़ रहा महंगाई का बोझ
झामुमो ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है. ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे खाने-पीने की चीजों सहित रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ जाते हैं. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तेल कंपनियों के जरिए जनता से भारी टैक्स वसूल रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार गिरावट देखने को मिली है. इसके बावजूद देश में आम लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है.

चुनाव के समय राहत देने का आरोप
झामुमो प्रवक्ताओं ने कहा कि लोकसभा या विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम घटाकर जनता को राहत देने का संदेश देती है. लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद फिर कीमतें बढ़ने लगती हैं. पार्टी ने सवाल उठाया कि यदि सरकार दाम कम कर सकती है तो स्थायी राहत क्यों नहीं देती.
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल
झामुमो ने केंद्र की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल खड़े किए. पार्टी का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, मजदूर और किसानों पर पड़ रहा है. डीजल महंगा होने से खेती और माल ढुलाई की लागत भी बढ़ रही है, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ रही हैं.
भाजपा ने आरोपों को बताया राजनीतिक
वहीं भाजपा नेताओं ने झामुमो के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया है. भाजपा का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, टैक्स संरचना और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर तय होती हैं. केंद्र सरकार समय-समय पर जनता को राहत देने के लिए कदम उठाती रही है.
सियासी बयानबाजी तेज
ईंधन कीमतों को लेकर झारखंड की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है. आने वाले चुनावों को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हैं. पेट्रोल-डीजल की कीमतों का मुद्दा भी अब राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बनता जा रहा है.







