MMDR बिल के खिलाफ JMM का बड़ा आंदोलन! 7 सितंबर से प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन
Ranchi: केंद्र सरकार के MMDR बिल के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। पार्टी ने जनजागरण अभियान से लेकर धरना-प्रदर्शन, जिला स्तर पर आंदोलन, राजभवन के सामने प्रदर्शन और जरूरत पड़ने पर आर्थिक नाकेबंदी तक का रोडमैप तैयार किया है।
JMM महासचिव विनोद पांडेय ने प्रभात खबर से बातचीत में कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी का कहना है कि MMDR बिल के प्रावधानों और झारखंड पर इसके संभावित प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा।
31 अगस्त तक चलेगा जनजागरण अभियान
MMDR बिल के विरोध में JMM की ओर से चलाया जा रहा जनजागरण अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा। इस दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोगों के बीच जाकर बिल के प्रावधानों और झारखंड पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की जानकारी देंगे।
JMM का कहना है कि जनजागरण अभियान के बाद आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा और इसे धीरे-धीरे व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
7 सितंबर को सभी प्रखंड मुख्यालयों पर धरना
आंदोलन के पहले चरण में 7 सितंबर को राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान JMM कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए MMDR बिल को वापस लेने की मांग करेंगे।
पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो प्रखंड स्तर से शुरू होने वाले इस आंदोलन को आगे राज्यव्यापी आंदोलन का रूप दिया जाएगा।
जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन और मशाल जुलूस
आंदोलन के दूसरे चरण में सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी है। इसके साथ ही झारखंड बंद और मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
JMM की रणनीति इन कार्यक्रमों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की है, ताकि MMDR बिल के विरोध को व्यापक जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।
राजभवन के सामने होगा प्रदर्शन
आंदोलन के तीसरे चरण में JMM कार्यकर्ता राजभवन के समक्ष प्रदर्शन करेंगे। पार्टी की कोशिश होगी कि MMDR बिल को लेकर झारखंड की आपत्तियों और मांगों को राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए।
JMM का कहना है कि राज्य के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को पार्टी की आपत्तियों पर विचार करना चाहिए।
मांग नहीं मानी तो आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
JMM ने आंदोलन के अंतिम चरण को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी के मुताबिक यदि सरकार की ओर से बिल को वापस लेने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और उग्र किया जा सकता है।
पार्टी ने अंतिम चरण में आर्थिक नाकेबंदी का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी है। इसके तहत झारखंड में खनन गतिविधियों को रोकने और राज्य से खनिजों को बाहर जाने से रोकने की बात कही गई है।
JMM के आंदोलन का पूरा रोडमैप
- 31 अगस्त: जनजागरण अभियान का समापन
- 7 सितंबर: सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन
- दूसरा चरण: जिला मुख्यालयों पर धरना, झारखंड बंद और मशाल जुलूस
- तीसरा चरण: राजभवन के समक्ष विरोध प्रदर्शन
- अंतिम चरण: मांग नहीं मानी गई तो आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
हेमंत सोरेन ने सांसदों-विधायकों के साथ बनाई रणनीति
MMDR बिल के विरोध को लेकर JMM केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पिछले दिनों पार्टी के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रणनीति तैयार की थी। इसके बाद पार्टी ने चरणबद्ध आंदोलन का रोडमैप सामने रखा है।
JMM ने स्पष्ट कर दिया है कि वह MMDR बिल के विरोध में आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य के बीच टकराव और तेज होने के आसार हैं।







