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JPSC-JSSC आंदोलन का 14वां दिन: देशभर से मिला समर्थन, रितेश रजवाड़ा और नेहा बोरा ने बढ़ाया छात्रों का हौसला

14th Day of Jharkhand Student Protest: आंदोलन को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी प्रसिद्ध गीतकार, कवि और लेखक रितेश रजवाड़ा रांची पहुंचे. उनका वास्तविक नाम कुंवर विभूति नारायण सिंह है. वह फिल्म 'मेजर' के गीतों और यूपी पुलिस के एंथम सॉन्ग के लेखक रहे हैं.
 
JHARKHAND

14th Day of Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, परीक्षा रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन शुक्रवार को 14वें दिन भी जारी रहा। धूप, बारिश और बदलते मौसम के बावजूद हजारों छात्र-छात्राएं धरनास्थल पर डटे रहे। पूरे दिन नुक्कड़ नाटक, गीत-संगीत और भाषणों के माध्यम से आंदोलन को नई ऊर्जा देने का प्रयास किया गया।

JPSC Protest

गीतकार रितेश रजवाड़ा ने दिया छात्रों को समर्थन

आंदोलन को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी प्रसिद्ध गीतकार, कवि और लेखक रितेश रजवाड़ा रांची पहुंचे। उनका वास्तविक नाम कुंवर विभूति नारायण सिंह है। वह फिल्म 'मेजर' के गीतों और यूपी पुलिस के एंथम सॉन्ग के लेखक रहे हैं।

धरनास्थल पर छात्रों के बीच पहुंचे रितेश रजवाड़ा ने अपने गीतों के माध्यम से आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और 14 दिनों तक लगातार आंदोलन चलना इस बात का संकेत है कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास और धरनास्थल के बीच अधिक दूरी नहीं है, ऐसे में मुख्यमंत्री को स्वयं छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी बात सुननी चाहिए थी।

नेहा बोरा ने भी दर्ज कराई उपस्थिति

आंदोलन को समर्थन देने वालों में नेहा बोरा भी शामिल रहीं। उन्होंने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उनके समर्थन में खड़े होने का संदेश दिया। उनकी मौजूदगी पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही।

JPSC Protest

सामाजिक संगठनों ने संभाली भोजन की व्यवस्था

धरनास्थल पर आंदोलनकारी छात्रों के लिए भोजन और नाश्ते की व्यवस्था लगातार जारी रही। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और निजी संस्थाओं ने छात्रों को भोजन उपलब्ध कराया।

उत्तर प्रदेश से आए मोहम्मद जुनेद भी छात्रों के लिए भोजन लेकर पहुंचे और स्वयं वितरण में हिस्सा लिया। इसके अलावा भैरव सिंह सहित कई सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलनकारियों के लिए भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराईं।

कई राज्यों से मिला छात्रों को समर्थन

छात्र आंदोलन अब केवल झारखंड तक सीमित नहीं रह गया है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, ओडिशा और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से छात्र प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता रांची पहुंचकर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।

धरनास्थल पर पहुंचे समर्थकों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित करना पूरे देश का मुद्दा है और इस संघर्ष में वे झारखंड के छात्रों के साथ खड़े हैं।

बदलते मौसम के बीच जारी रहा आंदोलन

दिनभर कभी तेज धूप तो कभी बारिश होती रही, लेकिन आंदोलनकारी छात्र अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए छात्रों ने अपनी बात लगातार सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

सरकार की पहल पर टिकी छात्रों की नजर

एक ओर आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार और छात्रों के बीच संभावित वार्ता को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

14वें दिन का यह आंदोलन बाहरी समर्थन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सामाजिक सहयोग और संभावित वार्ता की उम्मीदों के बीच आगे बढ़ता रहा। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और आंदोलन के भविष्य पर टिकी है।