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JSSC CGL रद्द: मंत्री ने देवेंद्र नाथ महतो को पिलाया जूस, भावुक हुईं हबीबा

Ranchi: JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद छात्र आंदोलन स्थल पर भावुक माहौल देखने को मिला. सरकार के फैसले के बाद मंत्री ने आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया. वहीं, CGL परीक्षा रद्द होने की घोषणा से अनशन पर बैठीं हबीबा भावुक हो गईं. सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी का माहौल है.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड में आंदोलित छात्रों की मांगों को लेकर सरकार की ओर से बड़ा फैसला लिए जाने के बाद अनशन कर रहे छात्रों का आंदोलन समाप्त कराया गया। हेमंत सोरेन कैबिनेट की विशेष बैठक में छात्रों की लगभग सभी प्रमुख मांगों को मंजूरी दिए जाने के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, इरफान अंसारी और विधायक जयराम महतो देर रात रांची सदर अस्पताल पहुंचे।

Ministers broke hunger strike of protesting students at Sadar Hospital in Ranchi

सदर अस्पताल के ICU-HDU वार्ड में इलाजरत अनशनकारी देवेंद्रनाथ महतो, हबीबा और राहुल क्रांतिकारी को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया।

15 दिनों से अनशन पर थीं हबीबा

बोकारो के कसमार की रहने वाली हबीबा पिछले करीब 15 दिनों से भूख हड़ताल पर थीं। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें रांची सदर अस्पताल के ICU-HDU वार्ड में भर्ती कराया गया था।

इसी दौरान जब हबीबा ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार द्वारा छात्रों की मांगें मान लिए जाने की खबर देखी तो वह भावुक हो गईं। वीडियो में उनके आंखों से आंसू निकलते दिखाई दिए। हालांकि, हबीबा ने स्पष्ट किया कि ये दुख के नहीं, बल्कि खुशी के आंसू हैं।

मां ने कहा था- लड़ाई जीतकर ही घर आना

हबीबा ने वीडियो के माध्यम से अपने संघर्ष से जुड़ी एक बेहद भावुक बात साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा था कि इस लड़ाई को जीतकर ही घर लौटना।

हबीबा के मुताबिक, आमतौर पर कोई मां अपनी बेटी से इस तरह की बात नहीं कहती, लेकिन उनकी मां ने उन्हें आंदोलन जारी रखने और जीत हासिल करने का हौसला दिया।

अब जब सरकार ने JPSC के साथ JSSC-CGL को लेकर बड़ा फैसला लिया है, तो हबीबा का कहना है कि उन्हें महसूस हो रहा है कि वह अपनी लड़ाई जीतकर ही घर लौटेंगी।

सरकार के फैसले के बाद आंदोलनकारियों में खुशी

छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से फैसले के बाद आंदोलन स्थल और अस्पताल में मौजूद आंदोलनकारियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों ने सरकार के फैसले को अपने आंदोलन की बड़ी सफलता बताया।

मंत्री और विधायक के अस्पताल पहुंचने के बाद अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया। इसके साथ ही छात्रों के लंबे आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हुआ।

हबीबा के शब्दों में दिखी संघर्ष की भावुक तस्वीर

हबीबा की प्रतिक्रिया ने इस पूरे आंदोलन के भावनात्मक पक्ष को सामने ला दिया। एक तरफ लंबे अनशन से बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में इलाज, तो दूसरी तरफ सरकार द्वारा मांगें मान लिए जाने की खबर—इन दोनों परिस्थितियों के बीच हबीबा अपने आंसुओं को रोक नहीं सकीं।

उन्होंने कहा कि ये आंसू उनके संघर्ष के सफल होने की खुशी के हैं। मां के उस संदेश को याद करते हुए उन्होंने यह भी जताया कि अब वह अपने घर लौटने को लेकर पहले से ज्यादा आश्वस्त हैं।

सरकार के फैसले के बाद अब छात्रों की मांगों को लागू करने और परीक्षा व्यवस्था में आगे होने वाले बदलावों पर सबकी नजर रहेगी।