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JSSC CGL: नौकरी तो बच गई, अब सैलरी पर संकट! 1932 कर्मियों की बढ़ी चिंता

Ranchi: JSSC CGL के जरिए नियुक्त करीब 1932 चयनित कर्मियों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. नियुक्ति रद्द किए जाने के बाद हाईकोर्ट से राहत मिलने पर कर्मचारियों ने दोबारा योगदान तो कर दिया, लेकिन कई कर्मियों को अब तक वेतन भुगतान का इंतजार है. कर्मचारियों के मुताबिक, कार्मिक विभाग की ओर से री-ज्वाइनिंग और नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट करने वाला औपचारिक आदेश जारी नहीं होने के कारण वेतन की प्रक्रिया अटकी है.
 
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Ranchi: झारखंड में JSSC CGL के जरिए नियुक्त चयनित अभ्यर्थियों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले नियुक्ति रद्द होने से नौकरी पर संकट खड़ा हुआ और अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद दोबारा योगदान करने वाले कर्मचारियों के सामने वेतन भुगतान की समस्या आ गई है।

JSSC CGL नियुक्ति विवाद: चयनित कर्मी झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर  नौकरी बचाने की तैयारी में - jharkhand cgl appointees to petition high court  for jobs

राज्य सरकार की ओर से नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले पर हाईकोर्ट की रोक के बाद करीब 1932 चयनित कर्मियों को दोबारा सेवा में योगदान करने का मौका मिला है। हालांकि, कई कर्मचारियों को अभी वेतन भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि कार्मिक विभाग की ओर से नियुक्ति और री-ज्वाइनिंग को लेकर स्पष्ट विभागीय आदेश जारी नहीं होने के कारण वेतन भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है।

किन-किन पदों पर हुई थी नियुक्ति?

JSSC CGL के माध्यम से झारखंड के विभिन्न विभागों में कई महत्वपूर्ण पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी। इनमें प्रमुख रूप से:

  • प्रशाखा पदाधिकारी
  • कनीय सचिवालय सहायक
  • सर्किल इंस्पेक्टर
  • ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर
  • ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर
  • लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर
  • फूड सप्लाई ऑफिसर

समेत अन्य पद शामिल हैं।

17 अगस्त को नियुक्ति रद्द करने का फैसला

JSSC CGL चयनित अभ्यर्थियों की परेशानी उस समय बढ़ गई, जब 17 अगस्त 2026 को झारखंड सरकार की विशेष कैबिनेट बैठक में इन नियुक्तियों को रद्द करने का फैसला लिया गया। इसके बाद करीब 1932 चयनित कर्मियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया।

सरकार के इस फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के बाद **20 अगस्त