हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति 2016 मामले में JSSC की बड़ी लापरवाही, फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को नहीं सौंपी रिपोर्ट
Ranchi: Jharkhand Staff Selection Commission हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति 2016 मामले में फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर पाई. इसको लेकर आयोग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं.
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मामले की सुनवाई के दौरान फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज और विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर जेएसएससी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा सकी. इससे अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं और प्रशासनिक स्तर पर हुई गड़बड़ियों की जांच को लेकर आयोग से कई अहम जानकारियां मांगी गई थीं. हालांकि, रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं होने के कारण मामले की सुनवाई और आगे की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है.
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति प्रक्रिया विवादों में घिरी हुई है और अब तक स्पष्ट समाधान नहीं निकल पाने से हजारों उम्मीदवार प्रभावित हो रहे हैं. कई अभ्यर्थी संगठनों ने मामले में पारदर्शिता और जल्द निर्णय की मांग की है.
पिछली सुनवाई में फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने यह दिया था आदेश
बीते 2 मई को फैक्ट फाइंडिंग कमीशन ने इस मामले की सुनवाई प्रारंभ करते हुए सरकार और जेएसएससी को ये आदेश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के आधार पर स्टेट मेरिट लिस्ट एवं नियुक्त किए गए सभी शिक्षकों के नाम, प्राप्तांक नियुक्ति तिथि एवं संबंधित अन्य जानकारी कमीशन को सुनवाई की अगली तारीख पर शपथ पत्र के माध्यम से फाइल किया जाए.
एक बार फिर आज सुनवाई के दौरान सरकार एवं जेएसएससी की ओर से कोई भी अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुए पर सरकार की तरफ से माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश कुमार एवं जेएसएससी के तरफ से उपसचिव बशीर अहमद तथा पिटिशनर के तरफ से अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता सहित कई अधिवक्ता उपस्थित रहे.
बता दें कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा साल 2016 में हाइस्कूल शिक्षकों के 17,786 पदों पर नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी. यह नियुक्ति प्रक्रिया शुरू से ही विवादों में रहा है. लंबी कानूनी लड़ाई के दौरान हाईकोर्ट के आदेश के बाद जेएसएससी ने 26 विषयों का स्टेट मेरिट लिस्ट और कट ऑफ भी जारी किया था.
इस नियुक्ति में जिला स्तरीय मेरिट व राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर नियुक्ति की गई है. इसके चलते सैकड़ों वैसे अभ्यर्थियों की नियुक्ति नहीं हो पायी है, जो कट ऑफ से अधिक अंक लाए हुए हैं. उनकी ओर से अपनी नियुक्ति की मांग की गई है. प्रार्थी मीना कुमारी और अन्य की ओर से 258 याचिका दायर की गई थी. हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए वनमैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन का गठन किया है जिसकी सुनवाई आज से प्रारंभ हुई है.
वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर रिपोर्ट नहीं सौंपी गई तो आयोग की जवाबदेही को लेकर सवाल और तेज हो सकते हैं. अब सभी की नजर फैक्ट फाइंडिंग कमीशन की अगली सुनवाई और जेएसएससी की ओर से पेश किए जाने वाले जवाब पर टिकी है.







