कोर्ट का बड़ा फैसला, बिल्डर कमल भूषण हत्याकांड में 3 को उम्रकैद, 3 साल बाद आया फैसला
Jharkhand Desk: कमल भूषण हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. मामले में दोषी पाए गए आरोपियों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई है. अदालत के इस फैसले को पीड़ित पक्ष ने न्याय की जीत बताया है. पुलिस और जांच एजेंसियों ने सबूतों के आधार पर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया था, जिसके बाद ये सजा सुनाई गई. एजेसी-3 आनंद प्रकाश के न्यायालय में फैसला सुनाया गया है.
बता दें कि इस मामले में राहुल कुजूर, डबलू कुजूर, काविस अदनान को बीते 19 सितंबर को दोषी करार दिया गया था. सजा की बिंदु पर आज यानी 22 सितंबर को फैसला सुनाया गया है. इस मामले में सुशीला कुजूर को साक्ष्य के अभाव में बरी किया गया. जबकि इस केस में सरकारी गवाह बने मुनव्वर अफाक को भी बरी कर दिया गया.
रांची के मधुकम निवासी बिल्डर कमल भूषण की 30 मई 2022 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. अपराधियों ने रातू रोड मुख्य मार्ग पर गैलेक्सिया मॉल के पास स्थित एक फास्ट फूड सेंटर के नजदीक खड़ी कार में बैठे कमल भूषण पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं. बताया गया कि कार की पिछली सीट पर बैठे कमल भूषण को दोनों ओर से घेरकर दो हमलावरों ने फायरिंग की थी.
बेटी का प्रेम विवाह बनी मौत का कारण
कमल भूषण अपनी इकलौती बेटी यामिनी की शादी किसी आईएएस अधिकारी से करना चाहते थे. इसके लिए वे लड़के की तलाश में भी थे. लेकिन मई 2021 में यामिनी ने राहुल कुजूर नामक युवक से मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया. पिता ने हर संभव प्रयास कर बेटी को घर लाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे. इस विवाद ने दोनों परिवारों के बीच गहरी दुश्मनी को जन्म दिया और फिर दिनदहाड़े कमल भूषण की सड़क पर ही हत्या कर दी गई.
ताबड़तोड़ फायरिंग से मौत
हत्या के वक्त कार में ड्राइवर बबलू और सहयोगी विनोद भी मौजूद थे. तभी दो युवक पहुंचे और लगातार गोलियां दाग दीं. कमल भूषण को चार गोलियां लगीं – दो हाथ में, एक छाती में और एक सीधे सिर में. हमलावर वारदात के बाद देवी मंडल रोड की ओर भाग निकले, जहां उनके साथी पहले से मौजूद थे.
स्कूटी छीनकर भागे थे आरोपी
भागते समय अपराधियों ने राशन दुकानदार नीरज सिंह से हथियार के बल पर स्कूटी छीन ली और तेजी से फरार हो गए थे. बाद में चौधरी नर्सिंग होम के पास स्कूटी छोड़कर पैदल ही हेसल-चटकपुर की ओर निकल गए थे.
बेटे ने लगाया था बहनोई पर आरोप
हत्या की सूचना मिलते ही परिवारजन रिम्स पहुंचे. इस दौरान कमल भूषण के बेटे पवन आर्या ने खुलासा किया कि उसके पिता के ड्राइवर ने बताया – हत्या में उसके बहनोई राहुल कुजूर का हाथ है.
छोटू कुजूर ने ली थी जिम्मेदारी
वारदात के बाद कुख्यात अपराधी छोटू कुजूर ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी. छोटू, राहुल के पिता डब्लू कुजूर का भाई है. उसका आरोप था कि कमल भूषण ने पुलिस की मदद से उसके परिवार को परेशान किया था. उसने भूषण के बिजनेस पार्टनर को भी सबक सिखाने की धमकी दी थी. कमल भूषण की बेटी यामिनी के अपहरण और विवाह प्रकरण के बाद से ही दोनों परिवारों में तनाव गहराता चला गया. राहुल कुजूर, डब्लू कुजूर और छोटू कुजूर ने बार-बार भूषण परिवार को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकियां दी थीं.
एक साल बाद अकाउंटेंट की भी हत्या
कमल भूषण की हत्या के करीब एक साल बाद अपराधियों ने उनके एकाउंटेंट संजय कुमार सिंह को भी गोली मार दी थी. जमीन और कारोबार का हिसाब रखने वाले संजय पर पांच राउंड फायरिंग हुई, जिसमें तीन गोलियां लगी थी – सिर, छाती और जबड़े पर. घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई थी.







