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Latehar Crime News: आदिवासी महिला से कथित बर्बरता! Hemant Soren सख्त, पुलिस को जांच का आदेश

Latehar:  झारखंड के लातेहार जिले के हेरंज गांव की आदिवासी महिला पुनिया देवी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. झारखंड जनाधिकार महासभा के अनुसार, 5 अक्टूबर को बकरी चराने के दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और थाने में टांगकर पीटने व जातिसूचक गालियां देने के आरोप लगाए गए हैं. 
 
HEMANT SOREN

Latehar:  झारखंड के लातेहार जिले में एक आदिवासी महिला के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। हेरंज गांव की रहने वाली पुनिया देवी के साथ हुई इस कथित घटना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गंभीरता जताई है। उन्होंने लातेहार पुलिस को मामले का तत्काल संज्ञान लेने, निष्पक्ष जांच करने और उचित कार्रवाई करते हुए इसकी जानकारी देने का निर्देश दिया है।

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झारखंड जनाधिकार महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी के बाद यह मामला चर्चा में आया है। महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के आधिकारिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

बकरी चराने के दौरान मारपीट का आरोप

झारखंड जनाधिकार महासभा की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, घटना 5 अक्टूबर की दोपहर की बताई जा रही है। आरोप है कि पुनिया देवी उस समय बकरी चरा रही थीं, तभी बरियातू थाना के एसएचओ कथित तौर पर तीन अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सादे कपड़ों में वहां पहुंचे।

महासभा के अनुसार, इस दौरान महिला के साथ मारपीट की गई। आरोप यह भी है कि रास्ते में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग उठने लगी है।

थाने में टांगकर पीटने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप

महासभा की ओर से लगाए गए आरोपों के अनुसार, पुनिया देवी को थाने ले जाने के बाद कथित तौर पर टांगकर पीटा गया और जातिसूचक गालियां दी गईं। साझा की गई जानकारी में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें अगले दिन रात में रिहा किया गया।

इन आरोपों ने पुलिस के व्यवहार और हिरासत में व्यक्ति के साथ किए जाने वाले बर्ताव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

सीएम हेमंत सोरेन ने लिया संज्ञान

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लातेहार पुलिस को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "लातेहार पुलिस तत्काल संज्ञान लें, जांच करें एवं उचित कार्रवाई करते हुए सूचना दें। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।"

मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आरोपित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर पुलिस प्रशासन क्या कदम उठाता है।

SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग

घटना को लेकर आदिवासी संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच के साथ-साथ आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की भी मांग उठाई है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से महासभा की ओर से साझा किए गए आरोपों और मुख्यमंत्री के निर्देश पर आधारित है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष, जांच की विस्तृत जानकारी और आगे की कार्रवाई सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।