Newshaat_Logo

Latehar News: गिरने की कगार पर पुलिया! कई गांवों का मुख्यालय से कट सकता है संपर्क

Latehar: जिले में एक जर्जर पुलिया के कारण कई गांवों के मुख्यालय से संपर्क कटने का खतरा मंडरा रहा है. पुलिया की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और इसके कभी भी गिरने की आशंका जताई जा रही है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में परेशानी बढ़ गई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पुलिया की जल्द मरम्मत या नए पुल के निर्माण की मांग की है.

 
JHARKHAND

Latehar: जिले में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद गुरगु-ओरवाई पथ की पुलिया की स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो गई है। यह पुलिया लातेहार सदर प्रखंड की दो पंचायतों को जोड़ने के साथ-साथ करीब आधा दर्जन गांवों को प्रखंड और जिला मुख्यालय से जोड़ती है। पुलिया के नीचे तेज बहाव के कारण हुए कटाव से इसका फाउंडेशन और मुख्य खंभा कमजोर हो गया है।

gurgu-orwai-road-bridge-dilapidated-condition-in-latehar

ग्रामीणों को आशंका है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई और नदी में बाढ़ आई तो पुलिया को और नुकसान पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में आसपास के कई गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित होने का खतरा है।

बांध टूटने के बाद तेज बहाव से हुआ कटाव

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस साल लातेहार जिले में लगातार भारी बारिश हुई। इसी दौरान लातेहार सदर प्रखंड के गुरगु गांव में स्थित एक बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद नदी में पानी का बहाव काफी तेज हो गया।

तेज धार के कारण पुलिया के नीचे की मिट्टी का बड़े पैमाने पर कटाव हुआ। इससे पुलिया का फाउंडेशन क्षतिग्रस्त हो गया और मुख्य खंभे के नीचे से भी मिट्टी बह गई। इसके चलते पुलिया की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

दो पंचायतों और कई गांवों के लिए अहम है पुलिया

यह पुलिया तरवाडीह और बेंदी पंचायत को आपस में जोड़ती है। इसके अलावा यह क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के लिए मुख्य आवागमन का रास्ता है।

ग्रामीणों के मुताबिक ओरवाई, छतरीटांड़, भोकाखाड़ समेत आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग प्रखंड और जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में पुलिया के क्षतिग्रस्त होने या ध्वस्त होने की स्थिति में ग्रामीणों को काफी लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ सकता है। इससे रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ इलाज, शिक्षा, बाजार और सरकारी कामकाज के लिए मुख्यालय पहुंचने में भी परेशानी बढ़ सकती है।

ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग की

स्थानीय निवासी और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता पंकज तिवारी ने बताया कि भारी बाढ़ के कारण पुलिया के नीचे मिट्टी का कटाव हुआ है। उन्होंने कहा कि पुलिया काफी पुरानी है और वर्तमान स्थिति में यह काफी खतरनाक हो गई है।

उन्होंने प्रशासन से जल्द आवश्यक पहल करने की मांग करते हुए कहा कि अगर समय रहते पुलिया को सुरक्षित नहीं किया गया तो इसके ध्वस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

वहीं, लातेहार प्रखंड के उप प्रमुख और स्थानीय निवासी राजकुमार प्रसाद ने भी पुलिया की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांध टूटने के बाद पुलिया के नीचे भारी कटाव हुआ है। यह पुलिया दो पंचायतों के साथ-साथ कई गांवों को प्रखंड और जिला मुख्यालय से जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिया को सुरक्षित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

जांच के बाद होगी आवश्यक कार्रवाई: डीडीसी

मामले को लेकर लातेहार के उप विकास आयुक्त सैयद रियाज अहमद ने सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के बाद स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है। बारिश के मौसम में पुलिया की कमजोर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोग जल्द मरम्मत या सुरक्षा संबंधी ठोस कदम उठाए जाने की मांग कर रहे हैं।