रांची पुलिस की कार्रवाई को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिसिया गुंडागर्दी करार दिया तो JMM ने भी इस पर बाबूलाल मरांडी को इज्जत से बेइज्जत वाला दिया जवाब...
Ranchi: बाबूलाल मरांडी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के बयानों को ज्यादा तवज्जों नहीं देना चाहिए...
Jan 15, 2026, 16:45 IST
Ranchi: प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय, रांची में आज सुबह रांची पुलिस की कार्रवाई को झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिसिया गुंडागर्दी करार दिया है.बाबूलाल मरांडी ने कहा कि जिन लोगों ने आर्थिक अपराध किए हैं, झारखंड को लूटा है, जिसने भ्रष्टाचार किया है उन्हें बचाने का यह षड्यंत्र है.
वहीं बाबूलाल मरांडी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के बयानों को ज्यादा तवज्जों नहीं देना चाहिए. उनके आरोप को दूध-भात मानना चाहिए. झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि इस बात की पूरी उम्मीद है कि रांची पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय में जो कार्रवाई की है, वह उसके अधिकार क्षेत्र और दायरे में ही होगी.
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य की डीजीपी तादाशा मिश्रा को गलत तरीके से डीजीपी बनाये रखने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन से पूछिए कि किस नियम के तहत 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो जाने के बाद भी उन्हें डीजीपी बनाये रखा गया है. उन्होंने कहा कि यह इसलिए किया गया है कि ताकि हेमंत सोरेन उनसे गड़बड़ काम करवाते रहें.
सरकार का नहीं, बाबूलाल का वसूली गैंग-मनोज पांडेय
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता ने सभी संवैधानिक संस्थाओं को अपने-अपने दायरे में रहकर काम करने की सलाह देते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी का वसूली गैंग चलता है. ऐसे में जैसे ही एसीबी या राज्य पुलिस कोई कार्रवाई करती है तब उसकी आंच बाबूलाल मरांडी तक नहीं पहुंच जाए, इसलिए वह अनाप-शनाप बोलने लगते हैं. झामुमो नेता ने कहा कि बाबूलाल मरांडी का नेक्सस या गठजोड़ अपराधियों से है.
वहीं एक सवाल के जवाब में झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि अगर मासूम अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी भाजपा के दबाव में हुई है तो फिर भाजपा नेता यह दबाव उत्तराखंड में पहाड़ की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में क्यों नहीं डालते हैं. आज क्यों बलात्कारी बाबा जेल की जगह पेरोल पर बाहर हैं. क्या सोनम वांगचुक को जेल भेजने में ही बीजेपी का दबाव काम करता है, यह बाबूलाल मरांडी को बताना चाहिए.







