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पिछले साल हादसों से मिली सीख: इस बार दिवाली पर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी, सभी जिलों के अस्पतालों को किया गया अलर्ट

दिवाली के दौरान पटाखों से होने वाले संभावित हादसों को देखते हुए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. आपात स्थिति में घायलों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए रांची के प्रमुख अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की गई है. RIMS में 20 बेड और सदर अस्पताल में 10 बेड रिजर्व रखे गए हैं. इसके अलावा अस्पतालों को इमरजेंसी सेवाएं दुरुस्त रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं.
 
JHARKHAND

Ranchi:  दीपावली पर पटाखों की आतिशबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए झारखंड का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में है। पटाखों से झुलसने और घायल होने वाले लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने के लिए राजधानी रांची के प्रमुख अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। रिम्स (RIMS) में बर्न मरीजों के लिए 20 बेड, जबकि सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित रखे गए हैं। दोनों अस्पतालों में बर्न यूनिट को तैयार रखने के साथ डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है।

RIMS : Rajendra Institute of Medical Sciences, Ranchi Jharkhand India

स्वास्थ्य विभाग ने केवल राजधानी ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। विभाग का प्रयास है कि दीपावली के दौरान पटाखों से घायल होने वाले लोगों को बिना देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

पिछले साल 50 से अधिक लोग हुए थे घायल

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दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं का अंदाजा पिछले साल के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वर्ष 2025 में रांची में पटाखों के कारण 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। इनमें कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

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पिछले साल रिम्स के बर्न वार्ड में छह मरीजों को भर्ती किया गया था। इनमें एक मरीज करीब 90 फीसदी से अधिक झुलस गया था। इसके अलावा रिम्स की इमरजेंसी में दो दर्जन से अधिक घायल इलाज के लिए पहुंचे थे। वहीं, सदर अस्पताल में 25 से अधिक लोगों ने पटाखों से झुलसने, आंखों में जलन और कान से जुड़ी समस्याओं के कारण इलाज कराया था।

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रिम्स में 20 और सदर अस्पताल में 10 बेड तैयार

इस बार संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए रिम्स में 20 बेड आरक्षित किए गए हैं। पटाखों से झुलसकर आने वाले मरीजों को सबसे पहले ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार ड्रेसिंग और अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बर्न वार्ड में भर्ती किया जाएगा।

इसी तरह सदर अस्पताल में भी 10 बेड का बर्न वार्ड तैयार रखा गया है। यहां आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों की ड्यूटी भी निर्धारित की गई है।

जिलों के अस्पतालों को भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सरकारी अस्पतालों को भी अलर्ट रहने को कहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पटाखों से घायल होने वाले लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।

पटाखे जलाते समय इन 5 सावधानियों का रखें ध्यान

दीपावली पर आतिशबाजी के दौरान थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए पटाखे जलाते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

  1. पटाखे हमेशा खुले और सुरक्षित स्थान पर जलाएं।

  2. बच्चों को अकेले पटाखे जलाने न दें, उनके साथ किसी बड़े व्यक्ति का रहना जरूरी है।

  3. आतिशबाजी के दौरान सूती कपड़े पहनें और पास में पानी की बाल्टी रखें।

  4. पटाखे से जलने पर प्रभावित हिस्से को करीब 20 मिनट तक सामान्य ठंडे बहते पानी से धोएं।

  5. जले हुए हिस्से पर टूथपेस्ट, घी या तेल न लगाएं और फफोलों को न फोड़ें।

अगर किसी व्यक्ति को गंभीर रूप से जलने, आंखों में चोट लगने या सांस लेने में परेशानी की शिकायत हो, तो तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।