झारखंड के तीन यूनिवर्सिटी में नए कुलपति की नियुक्ति, लोकभवन ने जारी की अधिसूचना
Ranchi: अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन नियुक्तियों की जानकारी राज्य सरकार के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, प्रधान महालेखाकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेज दी गई हैं.
Ranchi: झारखंड के तीन विश्वविद्यालयों में नए कुलपतियों की नियुक्ति कर दी गई है. लोकभवन से जारी अधिसूचना के अनुसार डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) रांची, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय और झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय के लिए नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं. यह नियुक्ति झारखंड राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2000 (संशोधित) और झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय अधिनियम, 2021 के तहत कुलाधिपति को प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई हैं.
डीएसपीएमयू के कुलपति बने प्रो. राजीव
अधिसूचना के मुताबिक लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत प्रो. राजीव मनोहर को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी. वे अधिकतम तीन वर्षों की अवधि तक या कुलाधिपति की इच्छाानुसार इस पद पर बने रहेंगे.
डॉ. एला को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी
इसी तरह इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय, दिल्ली में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत डॉ. एला कुमार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय की कुलपति नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति भी पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी और वे अधिकतम तीन वर्षों तक या कुलाधिपति की इच्छाानुसार इस पद पर कार्य करेंगी.
झारखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति बने प्रो. अभय
वहीं नालंदा विश्वविद्यालय में प्रोफेसर और डीन के पद पर कार्यरत प्रो. अभय कुमार सिंह को झारखंड राज्य मुक्त विश्वविद्यालय, रांची का कुलपति नियुक्त किया गया है. वे भी पदभार ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम तीन वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे या कुलाधिपति की इच्छाानुसार उनका कार्यकाल तय होगा.
लोकभवन ने जारी की अधिसूचना
लोकभवन से जारी अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन सभी नियुक्तियों को संबंधित उम्मीदवारों के मूल संस्थान से सतर्कता (विजिलेंस) संबंधी मंजूरी मिलने के अधीन रखा गया है. मूल संस्थान से मंजूरी मिलने के बाद ही संबंधित शिक्षाविद अपने-अपने विश्वविद्यालयों में औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे.
अधिसूचना में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन नियुक्तियों की जानकारी राज्य सरकार के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, प्रधान महालेखाकार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भेज दी गई हैं. इसके अलावा संबंधित विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को भी इसकी सूचना दी गई है, ताकि आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा सके. उच्च शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि नए कुलपतियों की नियुक्ति से राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. अनुभवी शिक्षाविदों के नेतृत्व में विश्वविद्यालयों में शोध, शिक्षण गुणवत्ता, नवाचार और शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.







