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JPSC परीक्षा विवाद में बड़ी कार्रवाई, परीक्षा गड़बड़ी केस में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते गिरफ्तार

Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
 
RANCHI UPDATES

Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रही जांच के बीच बड़ी कार्रवाई हुई है। JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ के बीच हुई है। परीक्षा विवाद में खियांग्ते की भूमिका की जांच पहले से चल रही थी।

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

पहले आवास समेत कई ठिकानों पर हुई थी छापेमारी

जांच के दौरान एजेंसी ने एल. खियांग्ते के आवास समेत उनसे जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। बताया गया कि तलाशी और पूछताछ के दौरान परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े कई पहलुओं की जानकारी जुटाई गई।

अब पूर्व अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जांच में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारियों और लोगों की भूमिका भी खंगाली जा सकती है।

कथित लेन-देन की कड़ियों की भी जांच

एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद जांच का फोकस कथित वित्तीय लेन-देन पर भी बढ़ने की संभावना है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में कथित अनियमितताओं के पीछे किसी तरह का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूछताछ के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस दावे की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि अभी सामने आना बाकी है। ऐसे में लेन-देन से जुड़े आरोपों को फिलहाल जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

छात्रों के आंदोलन के बीच हुई गिरफ्तारी

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। छात्र पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पूर्व JPSC अध्यक्ष की गिरफ्तारी को आंदोलन के बीच हुई अहम कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। इससे मामले में राजनीतिक हलचल भी बढ़ सकती है।

आगे किन लोगों तक पहुंचेगी जांच?

एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी का अगला फोकस परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर हो सकता है। कथित वित्तीय लेन-देन, परीक्षा संचालन और निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की संभावना है।

फिलहाल, एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी के बाद JPSC परीक्षा विवाद की जांच महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। हालांकि, कथित अनियमितताओं और ₹2 करोड़ के लेन-देन से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही होगी।