कोडरमा रेलवे क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई, ट्रेन में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले 3 शातिर गिरफ्तार
Koderma: पुलिस ने यात्रियों, खासकर महिलाओं से अपील की है कि वे ट्रेन में सफर के दौरान अपने कीमती सामान को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या रेलवे सुरक्षा बल को दें. इस कार्रवाई के बाद कोडरमा रेलखंड में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी गई है.
Apr 20, 2026, 14:40 IST
Koderma: कोडरमा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ट्रेनों में सफर कर रही महिलाओं को निशाना बनाकर गहने चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था और खासतौर पर भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर कोडरमा रेलवे क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों आरोपियों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से महिलाओं के सोने-चांदी के गहने, नकदी और चोरी में इस्तेमाल होने वाले सामान बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल में भी वारदात कर चुके हैं
आरोपी पहले हलवाई का काम करता था
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और पश्चिम बंगाल में एक मिठाई की दुकान में हलवाई के रूप में काम किया करता था. मगर नए काम की तलाश के दौरान उसकी मुलाकात बापी सरदार, सुबो गईन तथा महताब से हुई, जो ट्रेन यात्री को अपना निशाना बनाते हैं. इसके बाद आशीष प्रधान भी इन लोगों के गैंग में शामिल हो गया और छिनतई जैसी कई घटनाओं को अंजाम देने लगा.
रविवार को भी आशीष पश्चिम बंगाल से कोडरमा पहुंचा और इसी दौरान उनकी नजर एक महिला पर पड़ी. जैसे ही महिला गया-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन में चढ़ने लगी, इसने उसके गले से चेन खींच ली. पीड़ित महिला और उसके पति शोर मचाने लगे और मौके पर जीआरपी ने उसे पकड़ लिया. हालांकि महिला की चेन आरोपी के साथी वहां से लेकर भागने में सफल रहे. जीआरपी द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि यह चारों शातिर बदमाश देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर ट्रेन व बसों में चढ़ने वाले यात्रियों को अपना निशाना बनाते हैं. ये सभी पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं.
चारों शातिर बदमाश ट्रेन व बसों में यात्रियों को निशाना बनाते हैं
इसी दौरान उनकी नजर एक महिला पर पड़ी जिसने सोने की चेन पहन रखी थी. जैसे ही महिला गया-आसनसोल पैसेंजर ट्रेन में चढ़ने लगी, इसने बड़ी चालाकी से उसके गले से चेन खींच ली और अपने साथ आए बापी सरदार को थमा दी. इसी बीच वह महिला और उसके पति शोर मचाने लगे और इन लोगों को शक हो गया. इसके बाद जीआरपी द्वारा उसे पकड़ लिया गया. हालांकि महिला के गले से छीना हुआ मंगलसूत्र इसके साथी वहां से लेकर भागने में सफल रहे. जीआरपी द्वारा पूछताछ करने पर पता चला कि यह चारों शातिर बदमाश देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर ट्रेन व बसों में चढ़ने वाले यात्रियों को अपना निशाना बनाते हैं और छिनतई की घटना को अंजाम देते हैं. इन कांडों में यह सभी पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं.
इस घटना के बीच जीआरपी थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार को रेल प्रशासन से सूचना मिली कि एक महिला के साथ धनबाद-गया इंटरसिटी एक्सप्रेस में गोमोह रेलवे स्टेशन पर छिनतई की वारदात हुई है. इसके बाद जीआरपी तथा आरपीएफ द्वारा संयुक्त जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान ट्रेन में मौजूद दो महिलाओं पर शक हुआ. इसके बाद दोनों को ट्रेन से नीचे उतारा गया और उनसे पूछताछ की गई. इस दौरान उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से महिला यात्री से छिनतई किए गए मंगलसूत्र व मोतियों की माला बरामद कर ली गई. इसके पश्चात दोनों महिलाओं को जीआरपी पोस्ट लाया गया.
पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि वे लोग ट्रेन में चालाकी से सामानों की चोरी किया करती हैं. इसी क्रम में रविवार को ये लोग गोमोह स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस में चढ़ने के क्रम में एक महिला को धक्का देकर गिरा दिया और मौका पाकर उसके मंगलसूत्र तथा उसकी मोतियों की माला को चुरा लिया.
बाकी आरोपियों की खोजबीन जारी है
इधर जीआरपी द्वारा दोनों महिलाओं के पास से बरामद सामानों की जब्ती सूची बनाते हुए दोनों मामलों के अभियुक्तों को धनबाद भेज दिया गया है, जहां से तीनों को न्यायायिक हिरासत भेज दिया जाएगा. इधर जीआरपी प्रभारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि अंतर्राज्यीय छिनतई गिरोह के बाकी सदस्यों की खोजबीन की जा रही है. जल्द ही वे भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे.







