कुख्यात अपराधी प्रिंस खान को लेकर विपक्ष के द्वारा कई तीखे सवाल सरकार से सदन में, कारवाई को लेकर सामने आई तल्खी...
Ranchi: राजधानी रांची सहित झारखंड के कई जिलों में कुख्यात अपराधी प्रिंस खान का नाम आतंक का पर्याय बन गया है. शनिवार को झारखंड विधानसभा में भी प्रिंस खान को लेकर विपक्ष के द्वारा कई तीखे सवाल सरकार से किए गए.
क्या है पूरा मामला
झारखंड में गैंग्स ऑफ वासेपुर से कुख्यात प्रिंस खान द्वारा लगातार व्यवसायियों और व्यापारियों को धमकी देने का मामला बजट सत्र के दौरान विधानसभा में भी गूंजा. सदन में सरकार को गृह विभाग के सवालों पे जवाब देना था. प्रिंस खान का मुद्दा खुद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया. उन्होंने सदन में कहा कि प्रिंस खान दुबई और उसके पास के इलाकों से अपने गुर्गों के जरिए गैंग ऑपरेट करता है और दहशत फैलाकर वसूली का सम्राज्य चलाता है.
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार से किया सवाल
प्रिंस खान के गुर्गों द्वारा रांची के टीटोस होटल में गोलियां चलवाई थी और वहां काम करने वाले एक कर्मचारी को गोली मारकर हत्या कर दी थी. उसके बाद बोकारो में भी एक शोरूम संचालक से रंगदारी की मांग की थी. यही वजह है की प्रिंस खान और उनके गुर्गों की ओर से उद्योगपतियों को मिल रही धमकी का मामला शनिवार को सदन में उठा. भोजनावकाश के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रिंस खान व्यवसायियों और उद्योगपतियों को धमकी दे रहा है.
बाबूलाल मरांडी के अनुसार पुलिस प्रशासन से बात करने पर कहा जाता है कि वह दुबई में रहता है. पिछले एक साल में रंगदारी से लेकर गोलीबारी की करीब 60 घटनाएं हो चुकी हैं. प्रिंस खान के गुर्गे खुलेआम वसूली कर रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अगर राज्य की पुलिस 10 लोगों पर सख्ती से कार्रवाई करेगी तो कोई अगर पाकिस्तान में ही क्यों न बैठा हो, आगे उसकी रंगदारी मांगने की हिम्मत नहीं होगी.
विधायक रागिनी और राज सिन्हा ने भी किया सवाल
बीजेपी के झरिया से विधायक रागिनी सिंह और बरही के विधायक मनोज यादव ने भी यही मामला उठाया. रागिनी सिंह ने कहा कि प्रिंस खान को भगाने में किसका हाथ था, वह किसके संरक्षण में भागा, इस पर आज तक जांच कमेटी गठित नहीं की गई. उन्होंने दावा किया कि राजनीति और पुलिस प्रशासन की मिली भगत से उन्हें भगाया गया है. जबकि विधायक मनोज यादव ने कहा कि चतरा और रांची के व्यवसायी से रंगदारी मांगी गई है. ऐसे व्यवसायियों को सुरक्षा दी जाए. मामले पे धनबाद से बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने भी सवाल उठाया कि आखिर एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया गया.
सत्ता पक्ष के मंत्री ने दिया जबाब
इस मुद्दे पे सदन में जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रिंस खान पर रेड कॉर्नर नोटिस जारी है. उसके गुर्गों का एनकाउंट भी किया जा रहा है. प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रिंस खान के प्रत्यर्पण की पहल की गई है. राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन तत्परता के साथ अपराधियों को पकड़ने में, सजा दिलाने में निरंतर लगे हुए हैं. मंत्री ने कहा कि प्रिंस खान के गुर्गों को चुन-चुन कर उन्हें सजा देने की कार्रवाई हो रही है. हाल ही में धनबाद में एनकाउंटर हुआ है.







