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रांची में जुटे देशभर के 1000 से ज्यादा नेत्र विशेषज्ञ, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने किया राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन; AI-रोबोटिक सर्जरी पर भी जोर

 
रांची में जुटे देशभर के 1000 से ज्यादा नेत्र विशेषज्ञ, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने किया राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन; AI-रोबोटिक सर्जरी पर भी जोर

Ranchi, Jharkhand: झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों देशभर के नेत्र विशेषज्ञों के लिए बड़ा चिकित्सा केंद्र बनी हुई है। होटल बीएनआर में ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की 5वीं मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस-2026 का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दीप प्रज्वलित कर राष्ट्रीय स्तर के इस चिकित्सा सम्मेलन का उद्घाटन किया।

झारखंड में पहली बार आयोजित हो रहे इस सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से एक हजार से अधिक नेत्र चिकित्सक और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नेत्र चिकित्सा में हो रहे नए शोध, अत्याधुनिक तकनीकों और इलाज की आधुनिक पद्धतियों पर विशेषज्ञों के बीच विचार और अनुभव साझा करना है।

चुनौतीपूर्ण सर्जरी से लेकर आधुनिक इलाज तक पर मंथन

सम्मेलन के पहले दिन नेत्र चिकित्सा से जुड़े कई तकनीकी और विशेषज्ञ सत्र आयोजित किए गए। ‘जस्ट केसेस’ सत्र में जटिल नेत्र रोगों और उनके उपचार से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। वहीं ‘मास्टर क्लास इन रिफ्रैक्टिव सर्जरी’ में आधुनिक रिफ्रैक्टिव सर्जरी की तकनीकों पर विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की।

इसके अलावा ‘अनप्लान्ड कट’ नाम से आयोजित वीडियो आधारित सत्र में ऑपरेशन के दौरान अचानक सामने आने वाली जटिल परिस्थितियों और उनसे निपटने के सर्जिकल तरीकों को प्रदर्शित किया गया। वैज्ञानिक प्रतियोगिताओं के बाद शाम को मुख्य उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ।

AI और रोबोटिक सर्जरी को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने पर जोर

उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि रांची में देश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों का एक साथ जुटना झारखंड के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन से राज्य के चिकित्सकों और युवा डॉक्टरों को नई तकनीक और आधुनिक उपचार पद्धतियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक हेल्थ टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

मोतियाबिंद, कॉर्निया और ग्लूकोमा पर विशेषज्ञों की नजर

सम्मेलन में नेत्र चिकित्सा के कई प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। रिफ्रैक्टिव सर्जरी, मोतियाबिंद, कॉर्निया, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्लूकोमा के आधुनिक उपचार पर अलग-अलग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

इसके साथ ही लाइव सर्जरी, वैज्ञानिक प्रतियोगिताएं और युवा चिकित्सकों के लिए विशेष सत्र भी रखे गए हैं। बेहतर वैज्ञानिक योगदान देने वाले विशेषज्ञों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

रांची के युवा डॉक्टरों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य झारखंड की युवा चिकित्सा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेषज्ञता और शोध प्रस्तुत करने का अवसर देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से युवा चिकित्सकों को देश के अनुभवी विशेषज्ञों से सीधे सीखने का मंच मिलता है।

वहीं आयोजन समिति के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डॉ. बी.पी. कश्यप ने कहा कि झारखंड में इतने बड़े वैज्ञानिक सम्मेलन की मेजबानी करना राज्य के लिए गौरव की बात है। उनके अनुसार, इससे झारखंड की चिकित्सा शिक्षा और शोध को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है।

देश के कई बड़े नेत्र विशेषज्ञ हुए शामिल

उद्घाटन कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के साथ आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.पी. कश्यप और आयोजन सचिव डॉ. भारती कश्यप मौजूद रहे।

इसके अलावा ऑल इंडिया ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. जीवन तितियाल, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. मोहन राजन, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संतोष होनावर समेत देश के विभिन्न हिस्सों से आए वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

दो दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीक, शोध और उपचार के अनुभव साझा करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।