हजारीबाग की बिजली व्यवस्था सुधारने में जुटे सांसद, अंडरग्राउंड केबलिंग अधूरी और Damodar Valley Corporation पर ज्यादा निर्भरता से बढ़ी मुश्किलें
Hazaribagh: इन दिनों पूरे झारखंड में गर्मी का प्रकोप जारी है. गर्मी की वजह से बिजली की खपत भी बढ़ जाती है. हजारीबाग में लंबे समय से चली आ रही बिजली संकट को लेकर अब ठोस पहल शुरू हो गई है. क्षेत्र के सांसद इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लगातार अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं. चर्चा में साफ तौर पर दो बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं—अंडरग्राउंड केबलिंग की कमी और डीवीसी (DVC) पर अत्यधिक निर्भरता
हजारीबाग और रामगढ़ इन दोनों जिले में बिजली की कमी देखने को मिल रही है. घंटों तक बिजली गुल हो रही है. जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इसे देखते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे इस समस्या का समाधान किया जाए?
सांसद की अध्यक्षता में बैठक
हजारीबाग और रामगढ़ जिले में बिजली की आंख मिचौली से हर कोई परेशान है. इसे देखते हुए हजारीबाग सांसद ने विभाग के वरीय पदाधिकारी के साथ बैठक की. बैठक में यह बात सामने आई कि विभाग की कार्य प्रणाली के कारण लोगों को काफी अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हजारीबाग को 130 मेगावाट विद्युत की आवश्यकता पड़ती है. कमोबेश बिजली मिल भी रही है लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण कई समस्या सामने आ रही है. सांसद ने विश्वास दिलाया कि बहुत जल्द समस्या का समाधान हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के वक्त बिजली की खपत बढ़ जाती है. इसकी तैयारी विभाग को पहले से करनी चाहिए.
हजारीबाग और रामगढ़ की बात की जाए तो यहां सबसे बड़ी समस्या अंडरग्राउंड केबलिंग है. सालों बीत जाने के बाद भी अंडरग्राउंड वायरिंग नहीं हो पाई है. पूरा क्षेत्र डीवीसी पर ही निर्भर है. जब यह निर्भरता समाप्त हो जाएगी तो बिजली कटौती की समस्या का समाधान भी हो जाएगा.
अंडरग्राउंड केबलिंग और डीवीसी की निर्भरता समाप्त हो इसे लेकर भी काम किया जा रहा है. लोकसभा क्षेत्र वासियों को इस समस्या का समाधान बहुत जल्द मिल जाएगा: मनीष जायसवाल, सांसद
अनावश्यक बिजली की खपत से बचें लोग
बता दें कि हजारीबाग और रामगढ़ में बिजली की समस्या से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र के लोग परेशान हैं. आने वाले दिनों में यह परेशानी समाप्त हो, इसे लेकर तैयारी चल रही है. सबसे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि लोग बेवजह बिजली की बर्बादी करने से बचें.







