रोजगार का सपना दिखाकर चार नाबालिगों को पंजाब ले गया दलाल, मुंबई पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन; पाकुड़ पहुंचे बच्चे
Pakur: झारखंड के पाकुड़ जिले के चार नाबालिगों को काम दिलाने का झांसा देकर एक दलाल पंजाब ले गया. वहां उन्हें मजदूरी के लिए रखा गया. बाद में एक नाबालिग ने किसी तरह मुंबई पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ. मुंबई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए पाकुड़ लाया.

जानकारी के अनुसार, दलाल ने बेहतर रोजगार और अच्छी कमाई का लालच देकर चारों किशोरों को उनके घरों से बाहर ले गया था. परिजनों को शुरुआत में यही बताया गया कि बच्चों को अच्छी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन बाद में उनसे संपर्क टूटने पर परिवारों की चिंता बढ़ गई.
जब मुंबई पुलिस को शक हुआ और उन्होंने पूछताछ की, तो लड़कियों ने अपनी आपबीती बताई, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया. पुलिस चारों को वापस पाकुड़ ले आई है. 13 से 17 साल की उम्र की इन चार नाबालिग लड़कियों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है. सीडब्ल्यूसी सदस्य विनोद प्रमाणिक ने बताया कि तीन महीने पहले, एक दलाल के बहकावे में आकर ये चार नाबालिग लड़कियां काम के लिए पंजाब गई थीं, जहां उसने उन्हें अंबाला के एक घर में घरेलू कामकाज के लिए काम पर लगाया था.
विनोद प्रमाणिक ने बताया कि लड़कियां अंबाला से भागने में कामयाब रहीं और मुंबई पहुंच गईं. मुंबई पुलिस की नजर इन नाबालिगों पर पड़ी. पुलिस को शक हुआ और पूछताछ करने पर उन्हें उनकी मुश्किल स्थिति का पता चला. मुंबई पुलिस ने झारखंड पुलिस से संपर्क किया और लड़कियों को पाकुड़ की जिला बाल कल्याण समिति को सौंप दिया.
प्रमाणिक ने कहा कि नाबालिगों की काउंसलिंग की जाएगी और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि मानव तस्करी के लिए जिम्मेदार दलाल की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि लड़कियों ने अभी तक ज्यादा जानकारी नहीं दी है, लेकिन दलाल का पता चलने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी.







