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सुभाष गर्ग के दावे पर भड़के निशिकांत दुबे! बोले- सबूत दो या सार्वजनिक माफी मांगो

Deoghar:  निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग के उस दावे को खारिज किया है जिसमें गर्ग ने 2018 में अपने कार्यालय में दुबे से मुलाकात का जिक्र किया था. दुबे ने दावा किया कि उन्होंने 2009 में सांसद बनने के बाद किसी केंद्रीय सचिव के कार्यालय का दौरा नहीं किया और गर्ग से उनके दावे का सबूत देने या सार्वजनिक माफी मांगने को कहा. उन्होंने आपराधिक मानहानि की कार्रवाई की बात भी कही है.
 
JHARKHAND

Deoghar: पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के एक पुराने बयान को लेकर गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ा रुख अपनाया है। सुभाष गर्ग ने दावा किया था कि वर्ष 2018 में निशिकांत दुबे उनके कार्यालय पहुंचे थे और उनसे आधिकारिक मुलाकात की थी। इस दावे पर सांसद ने आपत्ति जताते हुए इसे साबित करने की चुनौती दी है।

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के जरिए कहा है कि यदि पूर्व वित्त सचिव अपने दावे को साबित नहीं कर पाते हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। सांसद ने इस मामले में आपराधिक मानहानि की कानूनी कार्रवाई का भी जिक्र किया है।

2018 में मुलाकात के दावे पर निशिकांत दुबे का पलटवार

सुभाष गर्ग के बयान के मुताबिक, वर्ष 2018 में निशिकांत दुबे उनके कार्यालय आए थे और दोनों के बीच आधिकारिक मुलाकात हुई थी। इसी दावे को लेकर निशिकांत दुबे ने सवाल उठाते हुए कहा कि वह आज तक दिल्ली में भारत सरकार के किसी सचिव या रांची में राज्य सरकार के किसी सचिव के कार्यालय नहीं गए हैं।

सांसद ने कहा कि यदि पूर्व वित्त सचिव यह साबित कर दें कि वह कभी किसी सचिव के कार्यालय गए हैं, तो वह उनके दावे को स्वीकार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटोकॉल के लिहाज से सांसद का पद सचिव से ऊपर होता है।

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‘मैं अधिकारियों को अपने कार्यालय बुला सकता था’

निशिकांत दुबे ने अपने बयान में उस समय की अपनी संसदीय भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस अवधि की घटना का दावा किया जा रहा है, उस समय वह पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) के चेयरमैन थे।

सांसद के मुताबिक, अपनी संवैधानिक और संसदीय भूमिका के तहत वह अधिकारियों को अपने कार्यालय में बुला सकते थे। इसी आधार पर उन्होंने पूर्व वित्त सचिव के कार्यालय जाने के दावे पर सवाल उठाया है।

ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर पत्र के दावे पर भी सवाल

निशिकांत दुबे ने सुभाष गर्ग के कथित ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े पत्र लिखे जाने के दावे पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यदि इस दावे में सच्चाई है तो इसे सार्वजनिक रूप से प्रमाणित किया जाना चाहिए।

सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि उनके खिलाफ किया गया दावा साबित नहीं होता है तो पूर्व वित्त सचिव को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी होगी।

मानहानि की कार्रवाई की बात

निशिकांत दुबे ने कहा है कि उन्होंने इस मामले में आपराधिक मानहानि का दावा किया है और आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस पूरे विवाद में सुभाष गर्ग की ओर से इस प्रतिक्रिया पर क्या जवाब दिया गया है, यह अलग से सामने आना बाकी है।

GDP ग्रोथ के बयान के बाद भी चर्चा में रहे सुभाष गर्ग

गौरतलब है कि पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग हाल के दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की GDP ग्रोथ को लेकर किए गए दावे पर सवाल उठाने के बाद चर्चा में रहे हैं। उन्होंने 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ रेट के दावे पर सवाल उठाया था।

इसके बाद सुभाष गर्ग के बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हुई और अब उनके पुराने कथित बयान पर निशिकांत दुबे की प्रतिक्रिया से एक नया विवाद सामने आया है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा जारी है।