कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह को को लाया गया भारत, कई राज्यों की पुलिस उसके गुनाहों का हिसाब किताब लेने को तैयार...
Ranchi: झारखंड एटीएस की कस्टडी में रहे मयंक से अब छत्तीसगढ़ पुलिस ने औपचारिक तौर पर पूछताछ शुरू कर दी है. उसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जांच के लिए रिमांड पर लिया गया है...
Jan 21, 2026, 21:11 IST
Ranchi: अजरबैजान से प्रत्यर्पण के जरिए झारखंड लाए गए कुख्यात गैंगस्टर मयंक सिंह अब छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों के राज खोलेगा. झारखंड पुलिस के बाद अब मयंक सिंह छत्तीसगढ़ पुलिस के कस्टडी में है, जिससे लगातार पूछताछ कर छत्तीसगढ़ में दर्ज मामलों की पड़ताल शुरू की गई है.
रायपुर पुलिस कर रही है मयंक से पूछताछ
झारखंड एटीएस की कस्टडी में रहे मयंक से अब छत्तीसगढ़ पुलिस ने औपचारिक तौर पर पूछताछ शुरू कर दी है. उसे छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की जांच के लिए रिमांड पर लिया गया है. झारखंड एटीएस ने बीते साल अजरबैजान से मयंक सिंह को प्रत्यर्पित कर भारत लाया था.
आरोप है कि लंबे समय तक विदेशी जमीन पर बैठकर वह न केवल रंगदारी और फायरिंग जैसे आपराधिक मामलों को ऑपरेट कर रहा था, बल्कि पाकिस्तान से हथियार तस्करी और हवाला के जरिए फंडिंग के नेटवर्क को भी सक्रिय रूप से चला रहा था.
एटीएस से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में मयंक सिंह के खिलाफ हत्या, रंगदारी, धमकी, फायरिंग और आपराधिक साजिश जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े करीब 45 से अधिक छोटे-बड़े मामले दर्ज हैं. वह लंबे समय तक विदेश में रहते हुए अपने गिरोह को रिमोट कंट्रोल से संचालित करता रहा.
पूर्व में मयंक से पूछताछ के दौरान उसके नेटवर्क, आर्थिक लेन-देन और दूसरे राज्यों में सक्रिय गुर्गों से जुड़े कई अहम इनपुट मिले हैं. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर अब छत्तीसगढ़ पुलिस ने अपने यहां दर्ज मामलों की तफ्तीश तेज कर दी है और केस-टू-केस आधार पर उससे पूछताछ हो रही है.
शुरुआती पूछताछ के दौरान मयंक सिंह ने पाकिस्तान से हथियार सप्लाई और हवाला के जरिए होने वाली फंडिंग के बड़े नेक्सस को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी थी. बताया जा रहा है कि इनपुट के आधार पर पंजाब और राजस्थान पुलिस भी पाकिस्तान के हथियार नेटवर्क को खंगाल रही है और संबंधित कड़ियों को जोड़ने में लगी है.
कन्फेशन में कई अहम जानकारियां हासिल हुई
मयंक के कन्फेशन और उससे मिले डिजिटल और फाइनेंशियल एविडेंस से हथियार तस्करी, फाइनेंसरों की भूमिका और हवाला चैनल को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं. इन्हीं सुरागों को फॉलो करते हुए दूसरे राज्यों की एजेंसियां अब मैदान में उतरी हैं.
कई राज्यों की पुलिस झारखंड एटीएस के संपर्क में
झारखंड एटीएस एसपी ऋषभ झा ने बताया कि सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि कई अन्य राज्यों की पुलिस भी झारखंड एटीएस के नियमित संपर्क में है.
इन राज्यों में मयंक और उसके नेटवर्क के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी साझा की जा रही है, ताकि संयुक्त कार्रवाई के जरिए पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके. मयंक के खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज केसों की डिटेल्स और केस डायरी झारखंड एटीएस के माध्यम से कोऑर्डिनेट की जा रही है.
जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों की पुलिस टीमें भी रांची आकर मयंक से आमने-सामने पूछताछ कर सकती हैं या प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे अपने-अपने राज्यों में ले जाया जाएगा.
विदेशी ठिकाने से चलाता था क्राइम का साम्राज्य
मयंक सिंह ने भारत में चल रहे केसों और पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए विदेश को सेफ जोन बना लिया था. अजरबैजान में बैठकर वह व्हाट्सएप कॉल, VOIP, और इंटरनेट आधारित कम्युनिकेशन के जरिए अपने गैंग को डायरेक्ट करता था. झारखंड एटीएस और राज्य पुलिस ने टेक्निकल इनपुट, इंटरनेशनल कोऑपरेशन और लंबी प्रक्रिया के बाद उसे अजरबैजान से प्रत्यर्पित कराया.
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि मयंक के जरिये न सिर्फ उसके गिरोह बल्कि उससे जुड़े अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के कई परतदार राज खुल सकते हैं. फिलहाल छत्तीसगढ़ पुलिस की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजर है. आने वाले दिनों में अन्य राज्यों की टीमें भी मयंक की रिमांड लेने की कोशिश करेंगी, ताकि अपने-अपने राज्यों में दर्ज मामलों की गुत्थियां सुलझाई जा सकें.







