नए साल पर झारखंड के लोग प्रकृति के बीच अलग-अलग जलप्रपातों पर पहुंचे पिकनिक का आनंद लेने
Ranchi: 1 जनवरी 2026: नए साल के स्वागत के साथ झारखंड की राजधानी रांची और आसपास के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का सैलाब उमड़ पड़ा है. खूंटी जिले के जलप्रपात इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. खूंटी जिले के तोरपा प्रखंड में स्थित पेरवाघाघ जलप्रपात सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में होने के बावजूद अपनी प्राकृतिक खूबसूरती से लोगों को आकर्षित कर रहा है. कुछ वर्ष पहले तक दुर्गम रास्तों और सुविधाओं की कमी से यहां आने वाले कम थे, लेकिन सोशल मीडिया और पर्यटन जागरूकता ने इसकी पहचान बढ़ाई है.1 जनवरी को पेरवाघाघ में झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे. परिवारों ने झरने के किनारे पिकनिक मनाई, बच्चों ने पानी में मस्ती की और युवाओं ने फोटोग्राफी का आनंद लिया. ऊंचे पहाड़ों से गिरता दूधिया झरना और घनी हरियाली पर्यटकों को सुकून दे रही है.
पर्यटकों की बढ़ती संख्या से स्थानीय दुकानदारों, चाय-नाश्ते की ठेलियों और छोटे व्यवसायियों की आजीविका में इजाफा हो रहा है. क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं और पिछले तीन वर्षों में पर्यटक संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है.

पेरवाघाघ तक जाने वाली सड़कें जर्जर और उबड़-खाबड़ हैं, जिससे वाहनों को परेशानी होती है. पर्यटन विभाग ने प्रवेश पथ और बैठने की कुछ व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन सड़क निर्माण, पार्किंग, शौचालय, पीने का पानी और लाइटिंग की जरूरत बाकी है. शाम ढलते ही इलाका सुनसान हो जाता है, जिससे सुरक्षा चिंता बढ़ती है.

मस्ती करते पर्यटक
पर्यटक मानते हैं कि पेरवाघाघ अन्य जलप्रपातों से कई गुना खूबसूरत है. यदि सुविधाएं और सुरक्षा बेहतर हों तो यह झारखंड का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकता है. स्थानीय लोग और सैलानी स्थायी पुलिस पेट्रोलिंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं. स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने पर्यटन विभाग से मांग की है कि पेरवाघाघ को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए. सड़क निर्माण, पार्किंग, शौचालय, पीने के पानी और सुरक्षा जैसी सुविधाओं के विस्तार से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सरकार को भी राजस्व का लाभ होगा. पिछले तीन वर्षों से लगातार यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है, जो इस बात का संकेत है कि सही दिशा में प्रयास किए जाएं तो यह स्थल झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शुमार हो सकता है.

पिकनिक मनाते पर्यटक
रानी फॉल
खूंटी के सायको थाना क्षेत्र में स्थित रानी फॉल को सबसे सुरक्षित जलप्रपात माना जाता है. नए साल पर यहां भी सैलानियों ने जमकर पिकनिक मनाई और स्थानीय गीतों पर नृत्य किया.

पेरवाघाघ जलप्रपात पर पर्यटक
पुलिस और ग्राम समिति की सक्रिय भूमिका
सायको थाना पुलिस, ग्राम सुरक्षा समिति और पंचायत प्रतिनिधियों ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली. साफ-सफाई, पार्किंग और वाहन निकासी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया. ड्रोन कैमरे से मॉनिटरिंग और ड्रंक एंड ड्राइव अभियान की तैयारी से पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है. पर्यटकों के आगमन को देखते हुए सायको पुलिस अलर्ट मॉड पर कार्यरत है. सायको थाना प्रभारी ने बताया कि पिकनिक में शराब से होने वाले नकारात्मक गतिविधियों पर पुलिस नजर बनाए रखेगी. जरूरत पड़ने पर ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चलाकर शराबियों पर नकेल कसी जाएगी. लगातार पुलिस के अभियान से अब लोगों में जागरूकता बढ़ने लगी है और सड़क सुरक्षा को लेकर जगह जगह पुलिस तैनात रहेगी. साथ ही पर्यटन स्थल की मॉनिटरिंग ड्रोन कैमरे से की जाएगी ताकि कहीं किसी भी अप्रिय घटना पर त्वरित एक्शन लिया जा सके.

पिकनिक मनाने पेरवाघाघ जलप्रपात पहुंचे लोग
उम्मीदों भरी शुरुआत और भविष्य की संभावनाएं
नए साल 2026 की शुरुआत इन जलप्रपातों के लिए सकारात्मक रही है. प्राकृतिक सौंदर्य, बढ़ती लोकप्रियता और स्थानीय प्रयासों से पेरवाघाघ व रानी फॉल रांची-खूंटी की पर्यटन पहचान को नई ऊंचाई दे सकते हैं. यदि सरकार सुविधाओं पर ध्यान दे तो झारखंड का पर्यटन और समृद्ध होगा.







