धनबाद में होली के मौके पर रातभर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, फगुआ गीतों पर झूमते रहे लोग...
Dhanbad: पारंपरिक होली गीतों की गूंज और ढोल-झाल की थाप पर लोग देर रात तक झूमते रहे. रंग, अबीर और आपसी भाईचारे के माहौल में आधी रात तक होली का उत्सव चलता रहा.
Mar 4, 2026, 12:49 IST
Dhanbad: रंगों का त्योहार पूरे शबाब पर है. शहर के अलग-अलग इलाकों में होली का उल्लास देखने को मिल रहा है. सरायढेला स्थित CCWO कॉलोनी के ग्राउंड में होली के मौके पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जहां फगुआ गीतों और रंग अबीर के बीच लोगों ने जमकर जश्न मनाया.
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक होली गीत प्रस्तुत किए. फगुआ की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा. होली के गीतों पर आई नर्तकियों ने रंगारंग प्रस्तुति दी. जिस पर कॉलोनी के लोग भी खुद को रोक नहीं सके और मंच के सामने जमकर थिरकते नजर आए. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग के लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया.
पारंपरिक होली गीतों की गूंज और ढोल-झाल की थाप पर लोग देर रात तक झूमते रहे. रंग, अबीर और आपसी भाईचारे के माहौल में आधी रात तक होली का उत्सव चलता रहा.
पूरे आयोजन में उत्साह के साथ-साथ शालीनता और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला. स्थानीय गणेश ठाकुर ने कहा कि हम सभी कॉलोनीवासी हर साल होली पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन करते हैं.
इस साल भी मिल-जुलकर आयोजन किया गया है. हमारी कोशिश रहती है कि सभी लोग साथ मिलकर प्रेम और भाईचारे के साथ होली मनाएं.
सामाजिक कार्यकर्ता पंकज पांडे ने कहा कि होलाष्टक के साथ ही फगुआ का रंग चढ़ जाता है. पारंपरिक गीतों के साथ होली मनाना हमारी परंपरा रही है. सभी लोग शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाएं, आपसी बैर भूलकर एक-दूसरे को गले लगाएं, यही होली का असली संदेश है.
सरायढेला की इस सांस्कृतिक होली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रंगों का यह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक है.







