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सरायकेला में पानी के लिए हाहाकार, प्रशासन ने नगर पंचायत को सौंपी जिम्मेदारी...

Saraikela: नगर पंचायत अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के व्यापक कार्यक्षेत्र के कारण प्रभावी निगरानी में कमी आई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है. पेयजल जैसी मूलभूत सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 
 
CRISIS OF WATER SUPPLY

Saraikela: सरायकेला में लगातार गहराते पेयजल संकट को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है शहर के विभिन्न इलाकों में पानी की अनियमित आपूर्ति, सूखे नल और बढ़ती शिकायतों के बीच अब पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पंचायत को सौंपने का निर्देश दिया गया है. प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और त्वरित निर्णय से स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा.

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क्यों लिया गया यह फैसला

बीते कुछ दिनों से सरायकेला के कई मोहल्लों में जलस्तर गिरने और तकनीकी खामियों के कारण नियमित जलापूर्ति बाधित हो रही थी. टैंकरों पर निर्भरता बढ़ने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. शिकायतों की संख्या बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने समीक्षा बैठक कर व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया.

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भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट को लेकर नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया है. वर्तमान में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के पूरी तरह चरमराने के कारण आम नागरिकों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे नगर पंचायत ने गंभीरता से लिया है. नगर पंचायत अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के व्यापक कार्यक्षेत्र के कारण प्रभावी निगरानी में कमी आई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है. पेयजल जैसी मूलभूत सेवा में किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 

7 दिनों में प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश 

झारखंड नगर पंचायत अधिनियम के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए अध्यक्ष मनोज चौधरी ने निर्देश दिया है कि नगर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का संचालन तत्काल प्रभाव से नगर पंचायत, सरायकेला को हस्तांतरित किया जाए. इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत को निर्देशित किया गया है कि वे पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित करते हुए सात दिनों के भीतर हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करें. 

आदेशनुसार दिए गए समयसीमा पर होने से होगी कार्रवाई

अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी. नगर पंचायत द्वारा इस पूरे प्रकरण की दैनिक मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे कि आम जनता को जल्द राहत मिल सके.