केंद्रीय बजट पर झारखंड में सियासी घमासान: JMM ने गिनाईं 5 बड़ी कमियां, विनोद पांडे ने लगाया राज्य की अनदेखी का आरोप, BJP बोली– 2047 के विकसित भारत का रोडमैप
JMM ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से बयान जारी कर बजट को “आजाद भारत का सबसे कमजोर बजट” करार दिया और कहा कि इसमें आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दों को जगह नहीं मिली है।
JMM ने गिनाईं बजट की 5 बड़ी कमियां
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस बजट में—
1. रोजगार बढ़ाने को लेकर कोई ठोस योजना नहीं है।
2. महंगाई से राहत के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
3. किसानों की आमदनी बढ़ाने पर कोई स्पष्ट पहल नहीं दिखी।
4. राज्यों को उनके हक का न्यायसंगत हिस्सा नहीं दिया गया।
5. आदिवासी बहुल राज्यों, युवाओं, गरीबों और किसानों के लिए वित्तीय सहयोग नाकाफी है।
JMM ने कहा कि यह बजट विकास का नहीं, बल्कि “वंचना का दस्तावेज” है, जो आंकड़ों में कमजोर और इरादों में खोखला नजर आता है।
विनोद पांडे का बड़ा आरोप
झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव और प्रवक्ता विनोद कुमार पांडे ने आरोप लगाया कि झारखंड देश की खनिज संपदा से अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, इसके बावजूद बजट में राज्य को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने सिर्फ भाजपा शासित राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है।
BJP ने किया पलटवार, बजट को बताया दूरदर्शी
वहीं दूसरी ओर झारखंड भाजपा ने बजट का समर्थन करते हुए इसे 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में मजबूत कदम बताया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह बजट देश के भविष्य का साफ खाका पेश करता है।
उन्होंने कहा कि बजट में गांव, गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिकों की जरूरतों को केंद्र में रखा गया है और यह भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की नींव मजबूत करेगा।
सियासी टकराव और तेज होने के आसार
केंद्रीय बजट को लेकर JMM और BJP के बीच जुबानी जंग और तेज होती दिख रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर झारखंड की राजनीति और गरमा सकती है।







