पेसा नियमावली पर झारखंड में सियासत गर्म, विधायक जयराम महतो ने भी नगर निकाय चुनाव दलगत आधार पर कराने पर अपनी सहमति जताई, कहा- हेमंत सरकार में विकास की गति धीमी
Dumka: विधायक जयराम महतो ने भी भाजपा की उस मांग पर अपनी सहमति दी है जिसमें आगामी नगर निकाय चुनाव को दलगत आधार पर करने की मांग की गई है. आज दुमका में जयराम महतो ने कहा कि नगर निकाय चुनाव हो या ग्राम पंचायत सभी को दलगत आधार पर होना चाहिए. इससे कहीं कोई कन्फ्यूजन वाली स्थिति नहीं होगी. शहर और गांव की भी अपनी सरकार होगी. उन्होंने यह बातें दुमका परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. वे झारखंड विधानसभा की पुस्तकालय विकास समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे.

पेसा नियमावली को बताया त्रुटिपूर्ण
जयराम महतो ने कहा कि पेसा कानून इस राज्य के लोगों की अंतरात्मा की आवाज थी, पर हेमंत सरकार ने जो इसे पारित किया उसमें कई और कॉलम को जोड़ने की आवश्यकता है. कुछ चीजें ऐसी है जिसमें ग्राम सभा की शक्तियां निहित करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आज जो इसका विरोध हो रहा है वह जायज है क्योंकि अगर इस कानून के माध्यम से रूढ़िवादिता को समाप्त किया जाएगा. इसके लागू होने के बाद भी शक्तियां ग्राम सभा की जगह अफसर के हाथों में होगी तो यह गलत है. उन्होंने इस नियमावली से खुद को असंतुष्ट बताया.
हेमंत सरकार के कामकाज पर जयराम महतो ने कहा कि आज जब हम झारखंड के अलग-अलग जिलों में जा रहे हैं तो यह पाते हैं कि पिछले सरकारों के मुकाबले हेमंत सरकार में कामकाज और विकास की गति काफी धीमी है. उन्होंने कहा कि सभी विभाग फंड की कमी का रोना रो रहे हैं. जनता ने जिस आशा और विश्वास के साथ इस सरकार को बनाया था वह पूरा नहीं हो पा रहा है.
जयराम महतो विधानसभा की पुस्तकालय विकास समिति की बैठक में भाग लेने दुमका पहुंचे थे. उनके साथ शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन भी मौजूद थे. इस समिति के द्वारा अधिकारियों के साथ बैठक की गई. जिसमें खास तौर पर दुमका में स्थित राजकीय और जिला स्तर के पुस्तकालय की सुविधाओं और कर्मियों की जानकारी ली गई. उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जो भी प्रयास हो सके, उसे तीव्र गति से करना है. साथ ही अन्य विकास योजनाओं का भी फीडबैक लिया. उन्होंने कहा कि यहां से जो जानकारी प्राप्त हुई है उसे वे आगे बढ़ाने का काम करेंगे.







