राजधानी रांची में बिजली कटौती का अलर्ट, जानिए किन इलाकों में रहेगी बत्ती गुल
Ranchi Power Cut News: झारखंड की राजधानी रांची में आज बिजली उपभोक्ताओं को लंबे पावर कट का सामना करना पड़ेगा। बिजली विभाग की ओर से विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों और फीडरों में मेंटेनेंस एवं तकनीकी कार्य कराया जा रहा है। इसके कारण नॉर्थ ऑफिस पाड़ा, ओरमांझी, मंडरोडीह, आनंदी और वीर टोली समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह 10:30 बजे से बिजली कटौती शुरू होगी, जो शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक जारी रह सकती है।

नॉर्थ ऑफिस पाड़ा में सबसे लंबी बिजली कटौती
बिजली विभाग के निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, पारसटोली फीडर से जुड़े नॉर्थ ऑफिस पाड़ा क्षेत्र में सुबह 10:30 बजे से बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उर्मिला इंक्लेव, दिव्या अपार्टमेंट, शंकर इंक्लेव और आसपास के इलाकों में शाम 5:30 बजे तक बिजली बहाल होने की संभावना है। यानी यहां के लोगों को करीब सात घंटे तक बिजली के बिना रहना पड़ सकता है।
ओरमांझी और मंडरोडीह में भी रहेगी बत्ती गुल

कुच्चू एवं मंडरो टांड़ फीडर से जुड़े मंडरोडीह, मंडरो और महुआ टोली प्राइमरी स्कूल के आसपास के इलाकों में सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। वहीं, उलातू-ओरमांझी फीडर के तहत ओरमांझी कोइरीटोला और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली कटौती होगी।
आनंदी और वीर टोली के उपभोक्ताओं को भी परेशानी
बारीडीह फीडर से जुड़े ग्राम आनंदी, वीर टोली और आसपास के इलाकों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यहां सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली बंद रहने की संभावना है। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को पानी भरने, मोबाइल चार्जिंग और अन्य जरूरी कामों के लिए पहले से तैयारी करनी होगी।
दीपावली और छठ को लेकर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा विभाग
दरअसल, दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए बिजली विभाग ने क्षेत्रवार मेंटेनेंस और तकनीकी कार्य शुरू किए हैं। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है। इसी वजह से अलग-अलग फीडरों में अस्थायी रूप से बिजली बंद रखी जा रही है।
विभाग की कोशिश है कि त्योहारों के दौरान बिजली व्यवस्था में किसी तरह की बड़ी तकनीकी परेशानी न आए। हालांकि, फिलहाल इस रखरखाव कार्य के कारण राजधानी के कई इलाकों के लोगों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ेगी।







