Newshaat_Logo

परिवहन सेवाओं को गांव तक पहुंचाने की तैयारी, हेमंत सोरेन ने पंचायत स्तर पर लाइसेंस कैंप लगाने का दिए निर्देश...

Ranchi: मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. ड्राइविंग लाइसेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को होने वाली परेशानी को कम करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाइसेंस निर्गत करने के निर्देश भी दिए.
 
JHARKHAND

Ranchi: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में आम लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को आसान और सुलभ बनाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जिला मुख्यालय या शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की व्यवस्था की जाए.

May be an image of one or more people and dais

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. ड्राइविंग लाइसेंस जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए ग्रामीणों को होने वाली परेशानी को कम करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लाइसेंस निर्गत करने के निर्देश भी दिए.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आमजन को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि सभी विभाग अपनी सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने हेतु तकनीक का व्यापक उपयोग करें. उन्होंने परिवहन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा भूमि संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए.

May be an image of hospital and text that says 'णड मंत्रालय'

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में भूमि अभिलेखों के व्यापक एवं चरणबद्ध डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने पर आम नागरिकों को भूमि क्रय से पूर्व संबंधित भूमि की स्थिति के संबंध में संपूर्ण एवं अद्यतन जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर सहज रूप से उपलब्ध हो सकेगी. नागरिक यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि सरकार द्वारा अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, अधिग्रहित की जा चुकी है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से रैयतों एवं आमजनों को पारदर्शी और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त होगी, जिससे भूमि क्रय-विक्रय से संबंधित अनिश्चितता एवं विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि भूमि संबंधी सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को डिजिटलीकृत कर उन्हें एकीकृत पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि किसी भी स्तर पर सूचना के अभाव या विसंगति की स्थिति उत्पन्न न हो.

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने अधिग्रहित भूमि के संबंधित विभागों अथवा उपयोगकर्ता एजेंसियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से हस्तांतरण की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बेहतर होगा, जिससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और भूमि से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक सुगम एवं प्रभावी बनेंगी.

खासमहल जमीन से संबंधित विषय पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खासमहल भूमि से संबंधित लीज नवीनीकरण, लीज हस्तांतरण तथा भूमि के प्रयोजन परिवर्तन (चेंज ऑफ लैंड यूज) की प्रक्रियाओं को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में जटिलताओं के कारण आमजनों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसे दूर करना आवश्यक है. इस दिशा में सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण करते हुए उन्हें ऑनलाइन एवं ट्रैकिंग-आधारित प्रणाली से जोड़ने पर भी बल दिया गया, ताकि आवेदनों की स्थिति की निगरानी सुगमता से की जा सके.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि खासमहल अंतर्गत सभी लीजधारकों का व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण एवं मैपिंग कराया जाए, जिससे प्रत्येक लीजधारक का अद्यतन डाटाबेस तैयार हो सके. इसके साथ ही, सभी लीज से संबंधित दस्तावेजों का पुनः सत्यापन (री-वेरिफिकेशन) सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की विसंगति, फर्जीवाड़ा या अभिलेखीय त्रुटियों को समय रहते चिन्हित कर सुधारा जा सके.

उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य में भूमि प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाएगी. परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल सके. मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिलावार मैपिंग, रूट चार्ट निर्माण एवं सड़क नेटवर्क के विकास पर जोर दिया गया.

इन योजनाओं पर हुई खास चर्चा

रांची स्मार्ट सिटी में विकसित किए जा रहे ट्रैफिक पार्क के प्रजेंटेशन का अवलोकन करते हुए मुख्यमंत्री ने वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने कहा कि यह पार्क आमजन, विशेषकर बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के माध्यम से यातायात नियमों, संकेतों एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

मुख्यमंत्री ने 'गुड सेमेरिटन योजना' एवं 'हिट एंड रन मुआवजा योजना' की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता एवं राहत प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनके प्रति जागरूक हों और समय पर लाभ प्राप्त कर सकें.

इस अवसर पर अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि 'गुरुजी आपातकालीन सेवा योजना-1944' प्रारंभ करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने इस पहल को शीघ्र धरातल पर उतारने के निर्देश देते हुए कहा कि यह सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. वाहन परीक्षण एवं स्क्रैपिंग व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सरकारी परिसरों में खड़ी अनुपयोगी वाहनों के निस्तारण हेतु एक ठोस मॉडल विकसित किया जाए, जिससे राजस्व सृजन हो सके. बैठक में विभागीय मंत्री दीपक बिरुआ, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव राजीव रंजन सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.