बंगाल में मतदान की तैयारी, झारखंड के बॉर्डर इलाकों में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी- सुरक्षा से लेकर सियासत तक हर मुद्दे पर नजर
Pakur: पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरण 23 एवं 28 अप्रैल को मतदान है. झारखंड और बंगाल से सटे सीमावर्ती इलाकों के लोगों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गयी है कि इस बार किसकी सरकार बनेगी. क्या ममता बनर्जी की सत्ता बनी रहेगी या कोई और सत्ता में आएगा?
पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज होते ही उसका असर पड़ोसी झारखंड के सीमावर्ती जिलों में भी साफ दिखने लगा है.सीमाओं पर सुरक्षा गतिविधियाँ बढ़ी हैं, राजनीतिक हलचल तेज है और स्थानीय स्तर पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.
राजनीतिक दलों की आवाजाही, प्रशासन की सतर्कता और मतदाताओं की बढ़ती दिलचस्पी. इन सबने माहौल को और गर्म कर दिया है. खासकर सीमावर्ती इलाकों में यह चर्चा आम है कि बंगाल की चुनावी रणनीतियाँ झारखंड की राजनीति को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं.
ममता बनर्जी 2011 से मुख्यमंत्री हैं
ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं जो लगातार तीन बार सीएम बनी हैं. पहली बार 2011 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, दूसरी बार 2016 में शपथ ली और 5 मई 2021 को लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.
ममता बनर्जी लगातार तीन बार से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री हैं, इसी को लेकर लोगों में उत्सुकता है कि क्या वह चौथी बार भी सीएम बनेंगी. इस चुनाव को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ने का कारण भी है क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का अधिकांश कारोबार पश्चिम बंगाल से होता है, साथ ही उनके रिश्तेदार भी रहते हैं. यहां के लोगों का कहना है कि बंगाल में चाहे लोकसभा, विधानसभा हो या नगर निकाय या फिर पंचायत चुनाव हो, लोग बढ़चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. चुनाव को लेकर कुछ स्थानों पर घटनाएं भी हुई थीं.
कई बड़े-बड़े नेता कैंप लगाए हुए हैं
इस बार हो रहे विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष कराने के लिए चुनाव आयोग ने भारी संख्या में केंद्रीय बलों की प्रतिनियुक्ति की है. भारतीय जनता पार्टी के लिए देश के प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के अलावा कई केंद्रीय मंत्री, अन्य भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, बड़े-बड़े नेता कई दिनों से कैंप लगाए हुए हैं, जिस कारण चुनाव दिलचस्प हो गया है.
पश्चिम बंगाल के मतदाता इस बार टीएमसी और भाजपा के बीच बराबरी का मुकाबला बता रहे हैं और खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं. वहीं झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग भी इसी तरह का अंदेशा लगा रहे हैं.
गाड़ियों और लोगों पर कड़ी नजर
विधानसभा चुनाव को लेकर मतदाताओं में काफी उत्साह और उमंग देखने को मिल रहा है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में पढ़ाई, नौकरी या मजदूरी करने वाले मतदाता भारी तादाद में मतदान के लिए पश्चिम बंगाल लौटना शुरू कर दिए हैं. इस बीच, बॉर्डर इलाकों में, झारखंड और पश्चिम बंगाल प्रशासन ने चेक पॉइंट चालू कर दिए हैं. गाड़ियों की कड़ी जांच की जा रही है और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर है. सभी चेकनाकों पर राज्य पुलिस के अलावा केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई है.







