Newshaat_Logo

अमित शाह पर टिप्पणी मामला: राहुल गाँधी के मामले मे नहीं हुई सुनवाई

यह मामला 28 मार्च 2018 के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसको लेकर भाजपा नेता प्रताप कटियार ने चाईबासा सीजीएम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे बाद में एमपी/एमएलए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया.
 
POLITICAL NEWS
Jharkhand Desk: यह मामला 28 मार्च 2018 के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसको लेकर भाजपा नेता प्रताप कटियार ने चाईबासा सीजीएम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे बाद में एमपी/एमएलए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया.

Jharkhand Desk: भाजपा नेता अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में शनिवार को चाईबासा स्थित एमपी-एमएलए विशेष न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी. कारण यह रहा कि मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश अवकाश पर थे. अब अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 अक्टूबर 2025 निर्धारित की है. राहुल गांधी ने अपने विरुद्ध चल रहे मुकदमे में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 205 के तहत आवेदन दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट की मांग की है. 

राहुल गांधी ने मानहानि मामले को 'सस्ती लोकप्रियता' करार दिया - Law Trend

इस आवेदन पर 4 अक्टूबर को फैसला सुनाया जाना था, लेकिन न्यायिक अवकाश के चलते मामला टल गया. मामले में राहुल गांधी की ओर से पेश अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा ने बताया कि 22 सितंबर को दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी थीं, जिसके बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था. अब इस पर अंतिम आदेश 9 अक्टूबर को सुनाया जाएगा.

यह आवेदन राजनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम माना जा रहा है. यदि अदालत राहुल गांधी को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट देती है, तो वे बिना अदालती प्रतिबंध के अपने संसदीय और राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे. लेकिन अगर आवेदन खारिज हो जाता है, तो उन्हें हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित होना अनिवार्य होगा. इस मामले पर कांग्रेस समर्थकों और नेताओं की निगाहें भी टिकी हुई हैं. उनका कहना है कि राहुल गांधी राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें विभिन्न राज्यों में लगातार यात्रा करनी पड़ती है, ऐसे में अदालत में बार-बार उपस्थित होना व्यवहारिक रूप से कठिन है. 

वहीं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता केशव प्रसाद महतो का कहना है कि "कानून सबके लिए बराबर है. राहुल गांधी को भी अन्य आम नागरिकों की तरह न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और अदालत में नियमित रूप से उपस्थित होना चाहिए."

गौरतलब है कि यह मामला 28 मार्च 2018 के एक कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भाजपा नेता अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसको लेकर भाजपा नेता प्रताप कटियार ने चाईबासा सीजीएम कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसे बाद में एमपी/एमएलए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया.