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रांची में अतिक्रमण पर निगम की बड़ी कार्रवाई: सरकारी जमीन खाली कराई, दूसरे इलाके में विरोध के बाद दो दिन की मोहलत

 
रांची में अतिक्रमण पर निगम की बड़ी कार्रवाई: सरकारी जमीन खाली कराई, दूसरे इलाके में विरोध के बाद दो दिन की मोहलत

Ranchi: रांची नगर निगम ने शुक्रवार को सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए बड़ा अभियान चलाया। करमटोली तालाब के पास 51 डिसमिल सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाया गया, जबकि कांटाटोली बस स्टैंड के समीप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थानीय लोगों के विरोध के चलते फिलहाल टालनी पड़ी। निगम ने विरोध कर रहे लोगों को दो दिन का समय देते हुए आगे की कार्रवाई का संकेत दिया है।

करमटोली में हटाए गए 15 अवैध निर्माण

नगर निगम की टीम ने करमटोली तालाब के पास अभियान चलाकर सरकारी भूमि पर बने 15 अस्थायी ढांचों को हटाया और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। निगम के अनुसार, यहां रहने वाले 12 पात्र परिवारों को पहले ही ईस्ट जेल रोड स्थित बिरसा आवास योजना के तहत स्थायी आवास आवंटित किया जा चुका था, लेकिन बार-बार नोटिस और सार्वजनिक घोषणा के बावजूद उन्होंने सरकारी जमीन खाली नहीं की।

वहीं, पांच अन्य परिवारों को भी आवास आवंटन की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए कई बार सूचना दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसमें रुचि नहीं दिखाई। अभियान के दौरान निगम ने उन्हें दोबारा फ्लैट की चाबी सौंपने की पेशकश की, जिसे उन्होंने लेने से इनकार कर दिया।

अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और जल्द से जल्द आवंटित आवास में स्थानांतरित होने की अपील की। निगम ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

कांटाटोली में विरोध के चलते रुकी कार्रवाई

दूसरी ओर, कांटाटोली बस स्टैंड के पास नगर निगम की जमीन पर प्रस्तावित मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर के निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।

जैसे ही निगम की इंफोर्समेंट टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर बैठ गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे पिछले कई दशकों से यहां रह रहे हैं और बिना वैकल्पिक पुनर्वास के उन्हें हटाना उचित नहीं होगा।

निगम ने समझाया, फिर भी नहीं बनी सहमति

अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने लोगों को समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि यह सरकारी भूमि है और सार्वजनिक परियोजना के लिए इसे खाली कराना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित परिवारों को फिलहाल ट्रेनिंग सेंटर के पास स्थानांतरित करने की योजना है, लेकिन स्थानीय लोग इस प्रस्ताव से सहमत नहीं हुए।

मौके पर वार्ड संख्या 13 के पार्षद पवन तिर्की भी मौजूद रहे। इस दौरान उनकी निगम अधिकारियों के साथ हल्की नोकझोंक भी हुई।

दो दिन की मोहलत, फिर होगी कार्रवाई

स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने फिलहाल बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की और स्थानीय लोगों को दो दिन का समय देकर टीम वापस लौट गई। निगम ने संकेत दिया है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सरकारी भूमि को खाली कराने की कार्रवाई दोबारा शुरू की जाएगी।

रांची नगर निगम का कहना है कि शहर की सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कर सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।