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रांची में पुराने बर्थ सर्टिफिकेट धारकों के लिए आसान हुई प्रक्रिया, नगर निगम करेगा सत्यापन, फिर मिलेगा नया प्रमाण पत्र

Ranchi: नगर निगम के इस फैसले से खासतौर पर उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पास वर्षों पुराने मैनुअल सर्टिफिकेट हैं और जिनका उपयोग स्कूल में नामांकन, पासपोर्ट बनवाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या अन्य आधिकारिक कार्यों में किया जाता है.
 
RANCHI

Ranchi: नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले उन हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है, जिनके पास अब तक मैनुअल तरीके से बना हुआ जन्म प्रमाण पत्र है. अब ऐसे लोगों को घबराने या नए सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. नगर निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि पुराने बर्थ सर्टिफिकेट धारकों को दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बारकोड युक्त नया डिजिटल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा. इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित, सुरक्षित और भविष्य के उपयोग के लिए अधिक विश्वसनीय बनाना है.

दरअसल, नगर निगम द्वारा पूर्व में बड़ी संख्या में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र मैनुअल रूप से जारी किए गए थे. उस समय डिजिटल सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं था. जिसके कारण प्रमाण पत्र हाथ से बनाए जाते थे. इसके साथ ही जिस एजेंसी को यह काम सौंपा गया था, उसने सभी रिकॉर्ड निगम को उपलब्ध नहीं कराए. नतीजतन अब इन प्रमाण पत्रों के सत्यापन में दिक्कतें सामने आ रही हैं. इसी समस्या के समाधान के लिए निगम ने बारकोड आधारित सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है. जिससे भविष्य में दस्तावेजों की वैधता और पारदर्शिता बनी रहे.

नगर निगम की सहायक प्रशासक निहारिका तिर्की ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवेदक को स्वयं रजिस्ट्रार कार्यालय आकर आवेदन देना होगा. किसी भी प्रकार का नया प्रमाण पत्र बिना वेरिफिकेशन के जारी नहीं किया जाएगा. आवेदक को अपने पुराने जन्म प्रमाण पत्र के साथ पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. इसके बाद संबंधित अधिकारी उपलब्ध रिकॉर्ड और आईटी सेल के डाटा से मिलान करेंगे. जिनका डाटा सही और वेरिफाइड पाया जाएगा, उन्हें ही नया बारकोड युक्त प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा.

वहीं, जिन आवेदकों के दस्तावेज या रिकॉर्ड का मिलान नहीं हो पाएगा, उन्हें नए सिरे से आवेदन करना होगा. ऐसे मामलों में जन्म से जुड़े प्रमाण जैसे अस्पताल का रिकॉर्ड, परिवार रजिस्टर या अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. नगर निगम ऐसे आवेदनों की अलग से जांच कर प्रमाण पत्र जारी करेगा. कुछ मामलों में जहां वेरिफिकेशन संभव नहीं होगा, उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए एसडीओ कार्यालय भी भेजा जा सकता है.

नगर निगम के इस फैसले से खासतौर पर उन परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पास वर्षों पुराने मैनुअल सर्टिफिकेट हैं और जिनका उपयोग स्कूल में नामांकन, पासपोर्ट बनवाने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने या अन्य आधिकारिक कार्यों में किया जाता है. बारकोड आधारित नए प्रमाण पत्र से इन दस्तावेजों की स्वीकार्यता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेगी.

आवेदन के लिए निगम ने समय किया निर्धारित

प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए नगर निगम ने समय भी निर्धारित कर दिया है. पुराने प्रमाण पत्रों के सीआरएस (Civil Registration System) पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लिए जाएंगे, जबकि दोपहर 3 बजे से 5 बजे के बीच प्रमाण पत्र का वितरण किया जाएगा. निगम प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि टोकन मैनेजमेंट सिस्टम लागू है. इसलिए आवेदकों को पहले टोकन लेना होगा. उसके बाद ही उनकी बारी आएगी.

21 दिनों में आवेदन करने की दी सलाह

इसके अलावा, नए जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नागरिकों को 21 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल crsorgi.gov.in पर आवेदन करने की सलाह दी गई है. जानकारी देते चले कि पहले वाले पोर्टल को बदला गया है और सेंट्रल लेवल पर पोर्टल से ही आवेदन लिया जा रहा है. निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन करने पर प्रक्रिया सरल रहती है, जबकि 21 दिन के बाद आवेदन करने पर शपथ पत्र (एफिडेविट) और नाममात्र का विलंब शुल्क देना पड़ता है.

यह कागजात है आवश्यक

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल का डिस्चार्ज स्लिप, माता-पिता का आधार कार्ड और पता प्रमाण शामिल है. वहीं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए अस्पताल का प्रमाण पत्र, श्मशान या कब्रिस्तान की रसीद, मृतक और आवेदक का आधार कार्ड आवश्यक है.

रांची नगर निगम की अपील

निगम प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के दलाल या बिचौलियों के चक्कर में न पड़ें और सीधे नगर निगम के रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर ही आवेदन करें. यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनाई गई है. जिससे आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.