रांची विश्वविद्यालय में बड़ा बदलाव, 21 शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से अकादमिक ढांचे पर मंडराया खतरा
Ranchi: रांची विश्वविद्यालय प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सेवानिवृत्ति कैलेंडर जारी कर दिया है. कैलेंडर के अनुसार आगामी एक वर्ष के भीतर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों और विभिन्न एफिलेटेड कॉलेजों से कुल 21 शिक्षक सेवानिवृत्त होंगे. इससे कई महत्वपूर्ण विभागों में अनुभवी शिक्षकों की कमी महसूस की जा सकती है. कई पद खाली होने की संभावना है.
मई से शुरू होगा सेवानिवृत्ति का सिलसिला
जारी सूची के मुताबिक, सेवानिवृत्ति का सिलसिला मई 2026 से शुरू होगा. मई माह में मांडर कॉलेज के वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक केशवरी प्रसाद शाही अपने कार्यकाल का समापन करेंगे. इसके बाद जून में विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर जूलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ नयनी सक्सेना सेवानिवृत्त होंगी.
जुलाई 2026 में तीन शिक्षकों की विदाई तय है. इनमें विश्वविद्यालय वाणिज्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अमर कुमार चौधरी, गृह विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ मंजु कुमारी और मारवाड़ी कॉलेज के संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ रंजु लाल शामिल हैं.
अनुभव का खालीपन बढ़ाएगा चिंता
जूलॉजी, कॉमर्स, हिंदी, इतिहास और गृह विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों से वरिष्ठ शिक्षकों का एक साथ रिटायर होना विश्वविद्यालय के लिए चुनौती बन सकता है. अगस्त 2026 में विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ प्रकाश कुमार झा और भूविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ सीपी महतो सेवानिवृत्त होंगे. वहीं, अक्टूबर में वाणिज्य विभाग के विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ सुदेश कुमार साहू भी अपने पद से विदा लेंगे.
दिसंबर में एक साथ कई रिटायरमेंट
दिसंबर 2026 में सबसे अधिक शिक्षकों की सेवानिवृत्ति निर्धारित है. इस सूची में दर्शनशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ अजय कुमार सिंह, पीपीके कॉलेज बुंडू के मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक सुबोध चंद्र शुक्ला, गृह विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ आशा कुमारी, कॉमर्स विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ रविकांत मेहता और जूलॉजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ वंदना कुमारी शामिल हैं. इसके अलावा गृह विज्ञान विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ प्रभा नाग भी इसी दौरान सेवा से मुक्त होंगी.
जनवरी 2027 में विश्वविद्यालय के कई प्रमुख विभागों से शिक्षक रिटायर होंगे. इनमें हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एचएन प्रसाद, भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ जीतेंद्र शुक्ला, सहायक प्राध्यापक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, मारवाड़ी कॉलेज की डॉ आशा ईएम टोप्पो, वाणिज्य विभाग के डॉ एमडी निजामुद्दीन जुबेरी और इतिहास विभाग की डॉ सुजाता सिंह शामिल हैं. फरवरी 2027 में केसीबी कॉलेज, बेड़ो के हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक मोहम्मद अब्दुल अयूब भी सेवानिवृत्त होंगे.
मारवाड़ी कॉलेज, पीपीके कॉलेज बुंडू और केसीबी कॉलेज बेड़ो जैसे एफिलेटेड कॉलेजों से भी वरिष्ठ शिक्षकों की विदाई तय है, जिससे शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है. विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कैलेंडर से साफ है कि आने वाले समय में शिक्षकों की नियुक्ति और विभागों के पुनर्गठन की आवश्यकता और अधिक बढ़ेगी.
रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार गुरुचरण साहू ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा सेवानिवृत्ति कैलेंडर जारी करना एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है. इससे संबंधित विभागों को पूर्व तैयारी करने में सुविधा होती है. जहां-जहां पद रिक्त होंगे, वहां शिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. नियुक्ति और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर भी विश्वविद्यालय स्तर पर विचार किया जा रहा.







