झारखंड में उग्रवाद की वापसी?: खूंटी में PLFI का खौफ, निर्माण कार्य को निशाना बनाकर दो रोड रोलर जलाए
Khunti: झारखंड के खूंटी जिले में एक बार फिर उग्रवाद की आहट से लोग सहम गए हैं. प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ने इलाके में अपनी मौजूदगी का खुला प्रदर्शन करते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. खूंटी जिले के कर्रा के काटमकुकु गांव के महुआ टोली पास गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे लोधमा से पिस्का नगड़ी रेलवे लाइन में मिट्टी फिलिंग करने के कार्य स्थल पर उग्रवादी संगठन पीएलएफआई ने अपना पर्चा लगाया और दो रोड़ रोलर को आग लगते हुए कई राउंड गोली फायरिंग की.
झारखंड के खूंटी जिले में एक बार फिर उग्रवाद की आहट से लोग सहम गए हैं. प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ने इलाके में अपनी मौजूदगी का खुला प्रदर्शन करते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. उग्रवादियों ने निर्माण कार्य में लगे दो रोड रोलर को आग के हवाले कर दिया और मौके पर पोस्टर चिपकाकर दहशत फैलाने की कोशिश की.
रात के अंधेरे में वारदात
जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के समय की है. उग्रवादी अचानक निर्माण स्थल पर पहुंचे और वहां खड़े दो रोड रोलर में आग लगा दी. देखते ही देखते दोनों मशीनें धू-धू कर जलने लगीं. घटना के बाद उग्रवादी मौके पर PLFI के नाम से पोस्टर चिपकाकर फरार हो गए. पोस्टर में ठेकेदारों और प्रशासन को चेतावनी दी गई है.
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद से इलाके में भय का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद PLFI की इस तरह की खुली कार्रवाई सामने आई है, जिससे लोग सहमे हुए हैं. खासकर निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों और ठेकेदारों में डर व्याप्त है.
पुलिस-प्रशासन में मचा हड़कंप
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. जले हुए रोड रोलर का मुआयना किया गया और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. पुलिस ने पोस्टर को जब्त कर लिया है और उसकी जांच की जा रही है. सुरक्षा एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि घटना को किन उग्रवादियों ने अंजाम दिया और उनके नेटवर्क की वर्तमान स्थिति क्या है.
सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद खूंटी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. पुलिस का कहना है कि उग्रवादियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी की जाएगी.
पहले भी रही है PLFI की सक्रियता
गौरतलब है कि PLFI पहले भी खूंटी और आसपास के जिलों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा है. हालांकि हाल के वर्षों में संगठन की गतिविधियों में कमी आई थी, लेकिन इस ताजा घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और पूरे इलाके पर कड़ी नजर रखी जा रही है.







