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झारखंड के रामगढ़ में कार से 51 लाख रुपए बरामद, आयकर विभाग की टीम ने की कैश की गिनती, कर रही जांच

 
jharkhand ramgarh car seized

Ramgarh: झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक कार से 51 लाख रुपए कैश बरामद की है. मंगलवार को आयकर विभाग की टीम गोला थाने पहुंची और बरामद रुपए की गिनती की. मशीन से नोटों की गिनती करने के बाद आयकर विभाग के अधिकारी आलोक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बरामद रकम 51 लाख रुपए है.

दरअसल, आयकर विभाग की टीम मंगलवार को गोला थाना पहुंची और बरामद रुपए की गिनती की. नोट गिनने वाली मशीन से मिलान करने के बाद आयकर विभाग के अधिकारी आलोक कुमार श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि जब्त रकम 51 लाख रुपए है. रांची से बोकारो जा रही कार से पुलिस ने नोटों से भरा कार्टून बरामद किया था. कार को रोका गया तो उसमें दो लोग सवार थे. पुलिस को शक हुआ और तलाशी लेने पर कार्टून में भारी मात्रा में कैश बरामद हुए थे.

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह रकम बोकारो डीसी ऑफिस के नजारत में कार्यरत डीसीएलआर कर्मचारी राजकुमार पांडे की बतायी जा रही है. राजकुमार पांडे ने दावा किया कि यह रकम जमीन बिक्री से प्राप्त हुई है और इसके समर्थन में उन्होंने एक एग्रीमेंट भी प्रस्तुत किया. हालांकि, आयकर विभाग की टीम ने उस एग्रीमेंट को वैध नहीं माना. अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कानून के अनुसार कोई भी व्यक्ति केवल दो लाख रुपए तक ही कैश अपने साथ ले जा सकता है. इससे अधिक राशि कैश के रूप में ले जाना गैरकानूनी है.

आयकर विभाग जांच में जुटा 
आयकर विभाग फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इतनी बड़ी राशि वास्तव में कहां से आई और इसका उपयोग कहां होना था? यदि रकम का स्रोत सही पाया जाता है, तो बरामद पैसे पर टैक्स जमा करना होगा. रकम के स्रोत की सही जानकारी नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

बरामद रकम की सूचना दी गयी थी आयकर विभाग को- थाना प्रभारी
थाना प्रभारी अभिषेक प्रताप ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई 28 अगस्त 2025 की रात की है. वाहन जांच के दौरान कार (जेएच09बीएफ-8122) को रोका गया. कार में बैठे लोगों ने पहले ही बता दिया था कि कार्टून में 51 लाख रुपए हैं. उन्होंने दावा किया था कि यह रकम जमीन बिक्री की है. प्रारंभिक पूछताछ के बाद कार को छोड़ दिया गया, लेकिन बरामद रकम की सूचना तत्काल आयकर विभाग को दे दी गयी थी.